Ram Rahim Parole: साध्वी यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को एक बार फिर पैरोल मिल गई है। प्रशासन ने उसे 21 दिनों के लिए जेल से बाहर रहने की अनुमति दी है। पैरोल मंजूर होने के बाद राम रहीम रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला और हरियाणा के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम के लिए रवाना हो गया।
सिरसा आश्रम में रहेगा राम रहीम
प्रशासन की ओर से जिला कारागार सुनारिया से डेरा सच्चा सौदा के सिरसा स्थित मुख्यालय तक 21 दिन की पैरोल मंजूर की गई है। पैरोल की अवधि के दौरान राम रहीम सिरसा आश्रम में रहेगा। खास बात यह है कि पहले सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े कारणों के चलते उसे उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित बरनावा आश्रम में भेजा जाता रहा था।
लगातार तीसरी बार सिरसा जाने की अनुमति
राम रहीम को सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में रहने की अनुमति लगातार तीसरी बार मिली है। इससे पहले कई मौकों पर उसे बरनावा आश्रम भेजा गया था। प्रशासन द्वारा सिरसा जाने की मंजूरी दिए जाने के बाद इस फैसले को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। पैरोल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन की ओर से विशेष इंतजाम किए जाने की संभावना है।
17वीं बार जेल से बाहर आया
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह राम रहीम का पैरोल और फरलो मिलाकर 17वीं बार जेल से बाहर आना है। सजा काटने के दौरान उसे अलग-अलग मौकों पर अस्थायी रिहाई मिलती रही है। हर बार उसकी रिहाई को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर सवाल उठते रहे हैं। इसके बावजूद संबंधित प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत उसे पैरोल या फरलो मिलती रही है।
पहले बरनावा आश्रम में भेजा जाता था
राम रहीम को पहले पैरोल या फरलो मिलने पर उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित बरनावा आश्रम भेजा जाता रहा है। इसके पीछे प्रमुख वजह सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़ी चिंताएं बताई जाती रही हैं। हालांकि, अब प्रशासन ने उसे हरियाणा के सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय में रहने की अनुमति दी है। इस बदलाव को लेकर भी लोगों के बीच चर्चा बनी हुई है।
साध्वी यौन शोषण मामले में 20 साल की सजा
गुरमीत राम रहीम साध्वी यौन शोषण के मामले में 20 साल की सजा काट रहा है। सीबीआई की विशेष अदालत ने उसे दो अलग-अलग मामलों में 10-10 साल की सजा सुनाई थी। अदालत के आदेश के अनुसार, दोनों सजाएं एक साथ नहीं चलेंगी, बल्कि एक के बाद दूसरी सजा लागू होगी। इसी वजह से उसकी कुल सजा 20 साल की है।
दोनों सजाएं लगातार चलने का आदेश
अदालत के आदेश के मुताबिक पहली 10 साल की सजा पूरी होने के बाद दूसरी 10 साल की सजा शुरू होगी। यानी दोनों मामलों की सजा को एक साथ चलाने के बजाय क्रम से लागू किया गया है। राम रहीम फिलहाल इसी सजा के तहत जेल में बंद है। इसके बावजूद पैरोल और फरलो के जरिए उसे समय-समय पर अस्थायी तौर पर जेल से बाहर आने की अनुमति मिलती रही है।
बार-बार पैरोल पर उठते रहे सवाल
राम रहीम को लगातार मिलती पैरोल और फरलो को लेकर समय-समय पर सवाल भी उठते रहे हैं। गंभीर आपराधिक मामले में सजा काट रहे कैदी को बार-बार अस्थायी रिहाई दिए जाने को लेकर विभिन्न वर्गों की ओर से आपत्ति जताई जाती रही है। हालांकि, पैरोल देने का फैसला प्रशासनिक और कानूनी प्रावधानों के तहत लिया जाता है। मौजूदा मामले में भी प्रशासन ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत 21 दिनों की पैरोल मंजूर की है।
पैरोल के दौरान सिरसा में रहेगा बाबा
21 दिन की पैरोल अवधि के दौरान राम रहीम सिरसा आश्रम में रहेगा। उसके सिरसा पहुंचने के बाद डेरा परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन की नजर रहेगी। राम रहीम की पिछली अस्थायी रिहाइयों की तरह इस बार भी उसकी गतिविधियों और निर्धारित शर्तों के पालन पर प्रशासन की निगरानी रहेगी।
पैरोल के फैसले से फिर बढ़ी सियासी चर्चा
राम रहीम को मिली नई पैरोल के साथ ही उसकी अस्थायी रिहाई को लेकर बहस फिर शुरू हो गई है। एक तरफ प्रशासन इसे नियमों के तहत लिया गया फैसला मानता है, वहीं दूसरी ओर बार-बार पैरोल मिलने पर सवाल उठाने वाले लोग इसे गंभीर अपराधों के संदर्भ में देखते हैं। फिलहाल राम रहीम 21 दिनों के लिए सिरसा आश्रम में रहेगा और इसके बाद उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत वापस जेल लौटना होगा।
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