Karnataka Voter List: कर्नाटक में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव आयोग ने सोमवार को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी। करीब डेढ़ महीने तक चले इस अभियान के बाद राज्य में मतदाताओं की संख्या में बड़ी कमी दर्ज की गई है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पुनरीक्षण से पहले कर्नाटक में करीब 5.54 करोड़ मतदाता थे, जबकि नई मसौदा सूची में यह संख्या घटकर 4,46,80,151 रह गई है।
कुल मतदाताओं की संख्या 4.46 करोड़ हुई
कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी वी. अंबु कुमार के मुताबिक, नई ड्राफ्ट सूची में 4,46,35,975 सामान्य मतदाता शामिल हैं। इसके अलावा सर्विस वोटर्स को जोड़ने के बाद राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 4,46,80,151 हो गई है। इस तरह SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची में शामिल नामों की संख्या में करीब 1.07 करोड़ की कमी आई है। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह अभी अंतिम मतदाता सूची नहीं है।
ASDDO श्रेणी में चिन्हित किए गए नाम
हटाए गए करीब 1.07 करोड़ नामों में बड़ी संख्या ऐसे मतदाताओं की है, जिन्हें ASDDO श्रेणी में रखा गया है। इसमें Absent यानी अनुपस्थित, Shifted यानी दूसरे स्थान पर स्थानांतरित, Duplicate यानी एक से अधिक बार दर्ज नाम, Dead यानी मृत मतदाता और Others यानी अन्य कारण शामिल हैं। आयोग का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना और उसमें मौजूद संभावित गलत या दोहराए गए रिकॉर्ड को हटाना है।
43.81 लाख मतदाताओं को भेजे जाएंगे नोटिस
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार करीब 43.81 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजने की तैयारी है। इनमें वे लोग शामिल हैं, जिनके आवेदन फॉर्म में तार्किक विसंगतियां मिली हैं या जिनके पुराने रिकॉर्ड की मैपिंग स्पष्ट नहीं हो पाई है। नोटिस मिलने के बाद संबंधित मतदाताओं को अपने नाम और पात्रता से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।
सात दिन में सुनवाई में होना होगा शामिल
जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाएगा, उन्हें सात दिनों के भीतर सुनवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा। इस दौरान उन्हें आयोग की ओर से मान्य 11 दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा। इसके जरिए मतदाता अपनी पहचान और मतदाता सूची में नाम शामिल किए जाने की पात्रता साबित कर सकते हैं। आयोग ने प्रभावित लोगों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने की बात भी कही है।
नाम हटने पर Form 6 से दोबारा आवेदन
यदि SIR के दौरान किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हट गया है या उसे गलत श्रेणी में चिह्नित किया गया है, तो वह दोबारा नाम जुड़वाने के लिए Form 6 भर सकता है। चुनाव आयोग के अनुसार, पात्र मतदाताओं को अपना नाम सूची में शामिल कराने का अवसर दिया जाएगा। इसलिए ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं मिलने पर मतदाताओं को अंतिम सूची जारी होने से पहले निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा करना चाहिए।
ERO के फैसले के खिलाफ अपील का अधिकार
मतदाता इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर यानी ERO के निर्णय से संतुष्ट नहीं होने पर अपील भी कर सकता है। इसके लिए ERO के आदेश के खिलाफ 15 दिनों के भीतर जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) के समक्ष पहली अपील की जा सकती है। इसके बाद भी यदि मतदाता फैसले से संतुष्ट नहीं होता है, तो वह निर्धारित अवधि के भीतर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के समक्ष अगली अपील कर सकता है।
ऑनलाइन देख सकते हैं मतदाता सूची में अपना नाम
कर्नाटक के मतदाता अपनी स्थिति ऑनलाइन भी जांच सकते हैं। नाम खोजने, संबंधित फॉर्म डाउनलोड करने और मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के Voters’ Service Portal का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा राज्य से संबंधित SIR प्रक्रिया, नोटिस, दावे और आपत्तियों की जानकारी के लिए CEO Karnataka Portal पर भी अपडेट देखे जा सकते हैं। ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद अब पात्र मतदाताओं के लिए अपने रिकॉर्ड की जांच करना बेहद महत्वपूर्ण हो गया है।
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