Rahul Gandhi vs Kiren Rijiju: पितृसत्ता बयान पर रिजिजू का पलटवार, पूछा- हिंदुओं को ही क्यों निशाना?

राहुल गांधी के ‘Smash Patriarchy’ वाले बयान पर सियासी घमासान छिड़ गया है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पलटवार करते हुए सवाल किया कि कांग्रेस बार-बार हिंदुओं को ही क्यों निशाना बनाती है? रिजिजू ने अल्पसंख्यक महिलाओं और तीन तलाक का मुद्दा उठाकर राहुल गांधी के बयान पर नया विवाद खड़ा कर दिया।

Rahul Gandhi vs Kiren Rijiju

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 25, 2026

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Rahul Gandhi vs Kiren Rijiju: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘पितृसत्ता खत्म करो’ वाले बयान पर सियासी विवाद तेज हो गया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी हिंदू परंपराओं को लेकर लगातार सवाल उठाते हैं, लेकिन अल्पसंख्यक समुदाय की महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर अपेक्षित चर्चा नहीं करते।

रिजिजू ने कांग्रेस के रुख पर उठाए सवाल

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर राहुल गांधी और कांग्रेस के रुख को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने पूछा कि अगर कांग्रेस वास्तव में महिलाओं के अधिकारों और समानता की बात करती है, तो उसका नजरिया सभी समुदायों के लिए एक जैसा क्यों नहीं है। रिजिजू ने विशेष रूप से मुस्लिम महिलाओं से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की कथित चयनात्मक राजनीति पर सवाल उठाया।

‘हमेशा हिंदुओं को ही निशाना क्यों?’

रिजिजू ने कांग्रेस के ‘पितृसत्ता खत्म करो’ के नारे पर प्रतिक्रिया देते हुए पूछा कि इस बहस में बार-बार हिंदू समाज को ही निशाना क्यों बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के अधिकारों की बात करते समय हर समुदाय की महिलाओं को समान महत्व मिलना चाहिए। उन्होंने तीन तलाक के मुद्दे का भी जिक्र करते हुए सवाल किया कि क्या मुस्लिम बेटियां और महिलाएं देश की बेटियों और बहनों का हिस्सा नहीं हैं।

हर महिला के अधिकार की बात जरूरी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाने का मतलब किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, यदि कोई राजनीतिक दल वास्तव में महिला सशक्तिकरण के पक्ष में है, तो उसे हर धर्म, समुदाय और वर्ग की महिलाओं के अधिकारों की बात समान रूप से करनी चाहिए। रिजिजू ने कांग्रेस पर इसी मुद्दे को लेकर दोहरे रवैये का आरोप लगाया।

भारतीय महिलाओं की उपलब्धियां गिनाईं

रिजिजू ने मौजूदा दौर में भारतीय महिलाओं की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं आज विज्ञान, रक्षा, खेल और उद्यमिता समेत कई क्षेत्रों में नई मिसाल कायम कर रही हैं। उन्होंने ISRO में नेतृत्व करने वाली महिला वैज्ञानिकों, लड़ाकू विमान उड़ाने वाली महिला पायलटों और ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतने वाली खिलाड़ियों का उदाहरण दिया।

‘लखपति दीदी’ और ‘ड्रोन दीदी’ का जिक्र

केंद्रीय मंत्री ने सरकार की महिला-केंद्रित योजनाओं और पहलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने ‘लखपति दीदी’ और ‘ड्रोन दीदी’ जैसी पहलों को नारी शक्ति के बढ़ते प्रभाव से जोड़ते हुए कहा कि भारतीय महिलाएं अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। रिजिजू ने कहा कि महिलाओं की इन उपलब्धियों को नजरअंदाज करके भारतीय समाज को विभाजित करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए।

पुणे में राहुल गांधी ने क्या कहा था?

रिजिजू की प्रतिक्रिया राहुल गांधी के पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में दिए गए भाषण के बाद आई। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और सामाजिक नियंत्रण से जुड़े मुद्दों पर बात की थी। उन्होंने कहा था कि हिंसा, अपमान और सुरक्षा या देखभाल के नाम पर जताई जाने वाली चिंता भी कई बार महिलाओं को नियंत्रित करने और उनके उत्पीड़न का माध्यम बन सकती है।

मनुस्मृति का हवाला देकर पितृसत्ता पर हमला

राहुल गांधी ने अपने संबोधन में मनुस्मृति का उल्लेख करते हुए महिलाओं की स्वतंत्रता से जुड़े एक कथन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि एक ऐसी सोच में महिला को जीवन के अलग-अलग चरणों में पिता, पति और पुत्र के अधीन बताया गया है। राहुल गांधी ने इस विचार को महिलाओं की स्वतंत्रता के खिलाफ बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की और इसे शर्मनाक करार दिया।

‘पितृसत्तात्मक ढांचे को खत्म करना होगा’

कांग्रेस सांसद ने कहा कि महिलाओं को वास्तविक रूप से सशक्त बनाने के लिए समाज में मौजूद पितृसत्तात्मक ढांचे को निर्णायक रूप से बदलना जरूरी है। महिला छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक मौजूदा पितृसत्तात्मक सोच और सामाजिक नियंत्रण की व्यवस्था खत्म नहीं होगी, तब तक महिलाओं को पूरी स्वतंत्रता और समान अवसर हासिल नहीं हो पाएंगे।

बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक बहस

राहुल गांधी के बयान और किरेन रिजिजू की प्रतिक्रिया के बाद महिला अधिकार, धार्मिक परंपराओं और राजनीतिक विमर्श को लेकर बहस तेज हो गई है। एक ओर राहुल गांधी सामाजिक ढांचे में महिलाओं की स्वतंत्रता और समानता की बात कर रहे हैं, वहीं रिजिजू कांग्रेस के रुख को सभी समुदायों के संदर्भ में देखने की मांग कर रहे हैं। ऐसे में यह मुद्दा आने वाले दिनों में भी राजनीतिक चर्चा का विषय बना रह सकता है।

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