
योगी सरकार में सुदृढ़ कानून-व्यवस्था और निर्बाध बिजली आपूर्ति से कारोबार को मिली नई रफ्तार
रात में भी गुलजार रहते हैं यूपी के बाजार, व्यापारियों-दुकानदारों को सुरक्षा और लगातार बिजली मिलने का है भरोसा
कानून-व्यवस्था और बिजली आपूर्ति बनीं उत्तर प्रदेश में व्यापारिक विकास की आधारशिला
गांव से महानगर तक बिजली आपूर्ति बेहतर बनाने पर योगी सरकार का फोकस
सुरक्षित बाजार और नियमित बिजली से निवेश, रोजगार व छोटे कारोबार को बढ़ावा
लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और बिजली आपूर्ति में सुधार ने कारोबार के विकास को महत्वपूर्ण आधार प्रदान किया है। एक तरफ, जहां गांव से लेकर शहर तक बेहतर बिजली आपूर्ति से दुकानों, बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालन को सहूलियत मिल रही है। वहीं, सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराधियों और संगठित अपराध के खिलाफ की गई कार्रवाई से न सिर्फ व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है बल्कि बाजारों में भयमुक्त माहौल का वातावरण स्थापित हुआ है। इसके चलते, देर रात तक जगमगाते बाजार प्रदेश की बदलती व्यावसायिक गतिविधियों की तस्वीर पेश कर रहे हैं।
कानून-व्यवस्था पर सख्ती, व्यापारियों की सुरक्षा पर जोर
योगी सरकार की प्राथमिकताओं में गांव से महानगर तक बेहतर बिजली आपूर्ति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना शामिल है। योगी सरकार ने अपराध और संगठित अपराध पर अंकुश लगाने के लिए जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई तेज की है। पुलिस की सख्ती, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, संपत्तियों की कुर्की और अवैध गतिविधियों पर निगरानी के जरिए अपराध नियंत्रण पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य आम नागरिकों और व्यापारियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है। बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होने से व्यापारिक गतिविधियों को सुचारु रूप से संचालित करने में मदद मिलती है। वहीं, पुलिसकर्मी दिन-रात गश्त कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे हैं।
गांव से शहर तक बिजली आपूर्ति में विस्तार
बिजली व्यवस्था में सुधार भी प्रदेश के व्यापारिक माहौल का अहम पहलू है। सरकार की निर्धारित व्यवस्था के अनुसार जनपद मुख्यालयों पर 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों पर 21 घंटे 30 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है। विभागीय दावों के मुताबिक, कई क्षेत्रों में निर्धारित शेड्यूल से अधिक बिजली भी उपलब्ध कराई जा रही है। जनपद, तहसील एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति देने के निर्देश दिए गए है। इससे दुकानों, छोटे उद्योगों, बाजारों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कामकाज जारी रखने में सहूलियत मिलती है।
बढ़ती मांग के बीच आपूर्ति मजबूत करने की चुनौती
उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग में लगातार बढ़ोतरी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश की अधिकतम पीक डिमांड वर्ष 2014 में 12,327 मेगावाट थी, जो वर्ष 2017 में बढ़कर 16,110 मेगावाट हो गई। इसके बाद मांग में और वृद्धि हुई है। योगी सरकार के कार्यकाल में 24 जून 2026 को 32,673 मेगावाट तक की रिकॉर्ड बिजली मांग की सफलतापूर्वक आपूर्ति की गई। बढ़ती जरूरतों के बीच पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराना सरकार और बिजली विभाग के सामने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। बेहतर आपूर्ति से बाजारों के साथ-साथ विनिर्माण, सेवा क्षेत्र और छोटे कारोबारों को भी लाभ मिल सकता है।
निवेश और रोजगार के लिए अहम हैं दोनों व्यवस्थाएं
किसी भी प्रदेश में निवेश और कारोबार के विस्तार के लिए मजबूत कानून-व्यवस्था, नियमित बिजली आपूर्ति, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाएं महत्वपूर्ण होती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार अपराध नियंत्रण और बिजली व्यवस्था में सुधार के जरिए कारोबार के अनुकूल माहौल तैयार करने पर जोर दे रही है। सुरक्षित बाजार और निर्बाध बिजली व्यापारियों के कामकाज को सुचारु बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। इससे दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और छोटे उद्योगों को सहूलियत मिलती है।











