Ram Mandir Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावे पर बवाल, RSS ने जताई नाराजगी

अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे की गिनती में हुई वित्तीय गड़बड़ियों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने गहरा दुख जताया है।

Ram Mandir Ayodhya

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जुलाई 12, 2026

Ram Mandir Ayodhya: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित भव्य श्री राम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की गिनती में सामने आई अनियमितताओं और चोरी के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस गंभीर मुद्दे पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी अपनी गहरी चिंता और दुख व्यक्त किया है। कर्नाटक के बेलगावी में आयोजित संघ की तीन दिवसीय वार्षिक ‘अखिल भारतीय प्रांत प्रचारक बैठक’ में इस विषय पर विशेष रूप से चर्चा हुई। बैठक के बाद संघ ने राम भक्तों की आस्था को ध्यान में रखते हुए इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है।

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बेलगावी की बैठक में गरमाया खजाना चोरी का मुद्दा

कर्नाटक के बेलगावी में 12 जुलाई 2026 को समाप्त हुई संघ की इस उच्च स्तरीय बैठक में अयोध्या राम मंदिर के खजाने से जुड़ी गड़बड़ियों का मुद्दा छाया रहा। इस पूरे विवाद पर संघ ने साफ किया कि उसे वर्तमान में चल रही कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पर पूरा विश्वास है।

बैठक के दौरान संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास (Trust) के निवेदन पर इस मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) और स्थानीय पुलिस की कार्रवाई जल्द ही किसी निर्णायक मोड़ पर पहुंचेगी। संघ का मानना है कि इस चोरी और वित्तीय अनियमितता के पीछे जो भी दोषी हैं, उन्हें कानून के तहत सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।

ट्रस्ट से संघ की बड़ी अपेक्षा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने राम मंदिर न्यास (तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट) को नसीहत देते हुए एक बड़ी अपेक्षा की है। संघ ने कहा कि न्यास को अपनी सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था को इस तरह से पुख्ता करना चाहिए ताकि भविष्य में दोबारा ऐसी कोई अप्रिय घटना न हो।

बैठक में जोर देकर कहा गया कि देश और दुनिया के करोड़ों राम भक्तों की अटूट श्रद्धा और गहरी आस्था अयोध्या धाम से जुड़ी है। चढ़ावे की गिनती में होने वाली ऐसी गड़बड़ियाँ भक्तों की पवित्र भावनाओं और विश्वास पर सीधा आघात करती हैं। इसलिए, खजाने और दान की पारदर्शिता को लेकर किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।

बैठक में मोहन भागवत और दत्तात्रेय होसबाले रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण वार्षिक बैठक में आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाहक दत्तात्रेय होसबाले सहित देशभर के कुल 226 शीर्ष कार्यकर्ता और प्रचारक उपस्थित रहे। बैठक के समापन पर एक विस्तृत प्रेस रिलीज भी जारी की गई, जिसमें बताया गया कि तीन दिनों तक चले इस मंथन में राम मंदिर के अलावा राष्ट्र के कई अन्य ज्वलंत मुद्दों पर भी बात हुई।

संघ की इस बैठक में मुख्य रूप से इन विषयों पर चर्चा की गई। जनसांख्यिकी असंतुलन (Demographic Imbalance): देश के कुछ हिस्सों में बदलते जनसंख्या संतुलन से उत्पन्न होने वाली सामाजिक और सुरक्षा संबंधी चुनौतियाँ।

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इसके साथ ही, बैठक में मार्च 2026 के बाद देशभर में संपन्न हुए विभिन्न ट्रेनिंग कैंपों (संघ शिक्षा वर्ग) की समीक्षा की गई। इस साल देश के अलग-अलग हिस्सों में 83 संघ शिक्षा वर्ग और 12 कार्यकर्ता विकास वर्ग आयोजित किए गए, जिनमें कुल 18,842 स्वयंसेवकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस प्रशिक्षण में स्वयंसेवकों को शाखा संचालन, ग्राम विकास, कुटुंब प्रबोधन (पारिवारिक मूल्य), आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक कार्यों के लिए तैयार किया गया है।

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