Rajnath Singh Statement : राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, सुशासन और देश की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने विपक्षी दलों और मोदी सरकार के आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय से प्रधानमंत्री के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन जनता के बीच यह अभियान प्रभावी नहीं हो सका। उनके मुताबिक, विरोधियों का यह एजेंडा अब पूरी तरह विफल नजर आ रहा है।
छात्रों और समाज को बांटने की राजनीति का आरोप
राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि मोदी विरोधी राजनीतिक ताकतों के पास अब कोई प्रभावी मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्व छात्रों को भड़काने और समाज में जाति तथा धर्म के आधार पर विभाजन पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। रक्षा मंत्री ने विपक्ष को सलाह दी कि राजनीतिक विरोध के बजाय देश के विकास और रचनात्मक कार्यों पर अपनी ऊर्जा खर्च करनी चाहिए। उनके अनुसार, इससे लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होगी और देश को भी इसका लाभ मिलेगा।

आतंकवाद के खिलाफ सरकार की कार्रवाई का जिक्र
देश की आंतरिक सुरक्षा का उल्लेख करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। उन्होंने भारतीय सेना की क्षमता और साहस की सराहना करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा के लिए जवान दुश्मनों के ठिकानों तक पहुंचकर जवाब देने में सक्षम हैं। रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि सेना की बहादुरी और उसके अभियानों को राजनीतिक विवाद का विषय बनाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
नक्सलवाद को लेकर विपक्ष पर सवाल
राजनाथ सिंह ने नक्सलवाद के मुद्दे पर भी अपनी राय रखी। उन्होंने उस धारणा को खारिज किया कि नक्सलवाद केवल गरीबी की वजह से पैदा हुआ था। उनके अनुसार, नक्सली हिंसा ने कई क्षेत्रों में विकास की गति को बाधित किया और इसके चलते गरीबी तथा पिछड़ापन बढ़ा। उन्होंने दावा किया कि सरकार की सख्त कार्रवाई के बाद देश नक्सलवाद की समस्या से काफी हद तक बाहर निकलने में सफल हुआ है।

सुशासन में बदलाव का दावा
रक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशासनिक नीतियों की तारीफ करते हुए उन्हें सुशासन से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश में सरकारी नियमों और प्रक्रियाओं की जटिलता को लेकर काफी चर्चा होती थी। मोदी सरकार ने आम नागरिकों के लिए कई प्रक्रियाओं को आसान बनाया है। इसी क्रम में दस्तावेजों के लिए गजटेड अधिकारी से अनिवार्य सत्यापन की व्यवस्था को समाप्त कर सेल्फ-अटेस्टेशन की शुरुआत की गई।
पुराने नियमों और कानूनों में बदलाव
राजनाथ सिंह के अनुसार, केंद्र सरकार ने पिछले वर्षों में बड़ी संख्या में ऐसे नियमों को खत्म किया है, जो अनावश्यक या जटिल माने जाते थे। उन्होंने दावा किया कि करीब 40 हजार से अधिक गैर-जरूरी नियमों को हटाया गया है। इसके साथ ही लगभग 1,500 पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को भी समाप्त किया गया। उनका कहना था कि इन कदमों का उद्देश्य प्रशासन को सरल, पारदर्शी और नागरिकों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाना है।

मोदी की लोकप्रियता का किया उल्लेख
अपने संबोधन के अंत में राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक लोकप्रियता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षणों में पीएम मोदी को दुनिया के लोकप्रिय नेताओं में प्रमुख स्थान मिलता रहा है। रक्षा मंत्री के मुताबिक, चुनावों में जनता का लगातार समर्थन सरकार की नीतियों और नेतृत्व में उसके भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विकास, सुरक्षा और सुशासन के मुद्दों पर सरकार आगे भी काम करती रहेगी।
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