BRICS Dinner 2026 : नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों और विदेशी प्रतिनिधियों के सम्मान में विशेष गाला डिनर का आयोजन किया गया। इस रात्रिभोज के जरिए मेहमानों को भारतीय संस्कृति, परंपरा और विविध खान-पान की झलक एक साथ देखने को मिली। विशेष रूप से तैयार किए गए शाकाहारी मेनू में देश के अलग-अलग हिस्सों के पारंपरिक व्यंजनों को आधुनिक और आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत किया गया। उत्तर से दक्षिणरात्रिभोज की शुरुआत पारंपरिक भारतीय स्टार्टर से हुई।
मेहमानों को गुजरात की लोकप्रिय खांडवी को आधुनिक मिल-फॉय शैली में परोसा गया। इसमें राई, नारियल और कढ़ी पत्ते के तड़के के साथ केसरिया आम, माइक्रो-ग्रीन्स और दही की ड्रेसिंग का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा अवधी अंदाज में तैयार की गई खुंब गलौटी भी मेनू का हिस्सा रही। धीमी आंच पर पकाए गए मशरूम कबाब को शीरमाल के साथ पुदीने की और पूर्व से पश्चिम तक के स्वादों को इस खास आयोजन में शामिल किया गया।

स्टार्टर में खांडवी और खुंब गलौटी ने बढ़ाया स्वाद
रात्रिभोज की शुरुआत पारंपरिक भारतीय स्टार्टर से हुई। मेहमानों को गुजरात की लोकप्रिय खांडवी को आधुनिक मिल-फॉय शैली में परोसा गया। इसमें राई, नारियल और कढ़ी पत्ते के तड़के के साथ केसरिया आम, माइक्रो-ग्रीन्स और दही की ड्रेसिंग का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा अवधी अंदाज में तैयार की गई खुंब गलौटी भी मेनू का हिस्सा रही। धीमी आंच पर पकाए गए मशरूम कबाब को शीरमाल के साथ पुदीने की गोलियों के साथ पेश किया गया, जिससे पारंपरिक स्वाद को खास अंदाज मिला।
मेन कोर्स में भारतीय व्यंजनों की शाही प्रस्तुति
मुख्य भोजन में कई तरह के पारंपरिक भारतीय व्यंजनों को शामिल किया गया। पनीर लबाबदार में मुलायम पनीर को टमाटर और छोटे प्याज से तैयार गाढ़ी ग्रेवी में पकाया गया। मेन कोर्स का एक प्रमुख आकर्षण हिमालयी गुच्छी मशरूम से तैयार गुच्छी मार्मिक रहा। गुच्छी और ताजे एस्पैरागस को केसर, मुनक्का और बादाम के साथ धीमी आंच पर पकाकर परोसा गया। इसके साथ दक्षिण भारतीय कैरेट बीन पोरीयल, तक्कली बेले सारू रसम और मिल्लेट पुलाव भी शामिल रहे।

रायता, रोटी और नान ने पूरा किया भारतीय भोजन
मुख्य व्यंजनों के साथ चुकंदर का रायता और विभिन्न भारतीय रोटियों तथा नान की टोकरी भी मेहमानों को परोसी गई। इस पूरे मेनू में भारत की क्षेत्रीय पाक परंपराओं को प्रमुखता दी गई। अलग-अलग राज्यों के स्वादों को एक ही भोज में शामिल करने की कोशिश ने डिनर को खास बना दिया। भोजन की प्रस्तुति में भी भारतीय परंपरा और आधुनिक पाक-कला का संतुलन देखने को मिला, जिससे विदेशी मेहमानों को भारत की विविध खाद्य संस्कृति का अनुभव मिला।
जलेबी और शहतूत फिरनी से हुआ मीठा समापन
शानदार डिनर का समापन पारंपरिक भारतीय मिठाइयों के साथ किया गया। मेहमानों को पुरानी दिल्ली की मशहूर कुरकुरी जलेबी मौसमी फलों और हल्की व्हिप्ड क्रीम के साथ परोसी गई। इसके अलावा शहतूत फिरनी को भी डेजर्ट मेनू में शामिल किया गया। भारतीय मिठाइयों की इस खास प्रस्तुति ने रात्रिभोज के अनुभव को यादगार बना दिया और मेहमानों को देश की पारंपरिक मिठास से रूबरू कराया।

नवरस कार्यक्रम में दिखी साझा सांस्कृतिक विरासत
गाला डिनर के साथ ‘नवरस-द यूनिवर्स ऑफ शेयर्ड इमोशंस’ नामक सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। इसमें BRICS देशों की संगीत और सांस्कृतिक परंपराओं को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया। विभिन्न देशों के कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए साझा भावनाओं और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाया। इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की गर्मजोशी से हुई मुलाकात भी चर्चा का केंद्र बनी। तीनों नेताओं की साथ तस्वीर ने सम्मेलन के माहौल को और खास बना दिया।
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