CG PM Awas Yojana: PM आवास योजना में हजारों परिवारों की उम्मीद जगी, 2024 कट-ऑफ का क्या है राज?

CG PM Awas Yojana को लेकर गरीब परिवारों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। कट-ऑफ डेट को 2024 तक किए जाने से लंबे समय से आवास का इंतजार कर रहे हजारों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। आखिर नए नियम से कौन पात्र होगा, कितना लाभ मिलेगा और आवेदन के लिए क्या जरूरी होगा?

CG PM Awas Yojana

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 13, 2026

CG PM Awas Yojana : छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्रता से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। राज्य सरकार ने योजना के लिए निर्धारित निवास की कट-ऑफ डेट को वर्ष 2015 से बढ़ाकर अब 2024 कर दिया है। इस फैसले से ऐसे परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो पिछले कई वर्षों से छत्तीसगढ़ में रह रहे हैं, लेकिन पुरानी कट-ऑफ डेट के कारण योजना का लाभ लेने से वंचित थे।

2024 तक निवास करने वाले पात्र परिवारों को मिलेगा अवसर

नई व्यवस्था के अनुसार, वर्ष 2024 तक छत्तीसगढ़ में निवास कर रहे ऐसे परिवार, जो प्रधानमंत्री आवास योजना की अन्य निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं, योजना के लिए पात्र हो सकते हैं। सरकार के इस निर्णय से खासतौर पर उन गरीब और जरूरतमंद परिवारों को फायदा मिलने की संभावना है, जिन्हें पुराने नियमों के कारण आवास योजना के दायरे से बाहर रहना पड़ा था। कट-ऑफ डेट बढ़ाने का उद्देश्य योजना का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाना है।

शहरी गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत

सरकार के इस फैसले का असर प्रदेश के शहरी और नगरीय क्षेत्रों में भी देखने को मिलेगा। किराए के मकानों, कच्चे घरों या झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाले कई परिवारों को अब पक्का आवास मिलने की उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, केवल निवास की कट-ऑफ डेट पूरी करने से योजना का लाभ स्वतः नहीं मिलेगा। आवेदकों को प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित सभी अन्य जरूरी पात्रता और दस्तावेजी शर्तें भी पूरी करनी होंगी।

नगरीय निकायों को 15 दिनों में पात्र हितग्राहियों की पहचान

नई कट-ऑफ डेट के आधार पर कार्रवाई तेज करने के लिए प्रदेश के संबंधित नगरीय निकायों को निर्देश दिए गए हैं। निकायों को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे नए पात्र परिवारों की पहचान करने की जिम्मेदारी दी गई है, जो संशोधित नियमों के तहत योजना के लिए योग्य हो सकते हैं। सरकार ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 15 दिनों की समयसीमा निर्धारित की है। इसके बाद पात्र परिवारों को अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट यानी एएचपी के तहत आवास उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

एएचपी के तहत हजारों मकानों को पहले ही मंजूरी

राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना के शहरी घटक के तहत एएचपी परियोजनाओं में बड़ी संख्या में मकानों को मंजूरी मिल चुकी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 36,969 आवासों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इनमें से करीब 29,267 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि शेष मकानों का निर्माण कार्य जारी है। सरकार का लक्ष्य जरूरतमंद परिवारों को जल्द से जल्द सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराना है।

गरीब परिवारों को सम्मानजनक आवास देने पर जोर

राज्य सरकार का कहना है कि हर पात्र गरीब परिवार को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। कट-ऑफ डेट को 2015 से बढ़ाकर 2024 किए जाने से योजना का दायरा व्यापक होने की उम्मीद है। इससे लंबे समय से आवास की प्रतीक्षा कर रहे कई परिवारों को अपना पक्का घर मिलने का रास्ता आसान हो सकता है। हालांकि, अंतिम लाभ पात्रता सत्यापन और योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार ही मिलेगा।

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