Bihar News: बिहार के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर में शुक्रवार, 06 फरवरी 2026 को एक सनसनीखेज घटना सामने आई। दिगंबर जैन धर्मशाला के एक कमरे से चार लोगों के शव बरामद किए गए। मृतकों में दो पुरुष और दो महिलाएं शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी लोग बेंगलुरु से घूमने के उद्देश्य से राजगीर आए थे और धर्मशाला में ठहरे हुए थे।
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पुलिस और फॉरेंसिक टीम की कार्रवाई
आपको बता दें कि, धर्मशाला के कमरे से तेज बदबू आने पर कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और 4 शवों को बरामद किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधिकारी, फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम और तकनीकी जांच दल मौके पर पहुंचे। धर्मशाला के कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है और पूरे परिसर की गहन जांच की जा रही है।
मृतकों की पहचान और प्रारंभिक जानकारी

राजगीर थाना प्रभारी रमन कुमार ने बताया कि मृतकों की पहचान अभी तक पूरी तरह से नहीं हो पाई है। हालांकि, धर्मशाला के रजिस्टर से कुछ जानकारी मिली है। चारों लोग 31 जनवरी को धर्मशाला पहुंचे थे और उन्होंने बताया था कि वे नेपाल से घूमते हुए राजगीर आए हैं। इनमें से केवल एक व्यक्ति ने पहचान पत्र प्रस्तुत किया था। आधार कार्ड पर उसका नाम जी.आर. नाग प्रसाद और पता बेंगलुरु दर्ज था। अन्य तीन व्यक्तियों ने कोई पहचान पत्र नहीं दिया था।
मौत का कारण अभी अस्पष्ट
पुलिस ने शुरुआती जांच में अनुमान लगाया है कि चारों ने फांसी लगाकर आत्महत्या की होगी। हालांकि, यह केवल प्राथमिक जानकारी है। वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल पुलिस इस मामले में कोई ठोस बयान देने से बच रही है।
धर्मशाला प्रशासन का बयान
धर्मशाला के प्रभारी मुकेश जैन ने बताया कि चारों पर्यटक 31 जनवरी को यहां ठहरे थे। उन्होंने खुद को नेपाल से घूमते हुए राजगीर आने वाला बताया था। कमरे की बुकिंग के समय केवल एक व्यक्ति ने आधार कार्ड दिखाया था, जबकि बाकी तीन ने कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया।
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जांच की दिशा
पुलिस ने धर्मशाला का रजिस्टर जब्त कर लिया है और मृतकों की पहचान सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है। फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया है ताकि कमरे की स्थिति और शवों की जांच से मौत के कारणों का पता लगाया जा सके। धर्मशाला के कर्मचारियों से लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि यह समझा जा सके कि मृतक किस परिस्थिति में यहां ठहरे थे और उनके व्यवहार में कोई असामान्यता तो नहीं थी।










