Rajendra Chaudhary Heallth Update: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, मुख्य प्रवक्ता और विधान परिषद सदस्य (MLC) राजेंद्र चौधरी को अचानक स्वास्थ्य खराब होने के बाद लखनऊ के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उन्हें हार्ट अटैक आने के बाद तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। पार्टी के इस प्रमुख चेहरे के बीमार होने की सूचना से कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच गहरी चिंता का माहौल व्याप्त है।
अखिलेश यादव ने अस्पताल पहुंचकर जाना स्वास्थ्य हाल
बताते चले कि, राजेंद्र चौधरी की तबीयत बिगड़ने की खबर मिलते ही समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तत्काल सिविल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से मिलकर राजेंद्र चौधरी के स्वास्थ्य के बारे में विस्तृत जानकारी ली और उनके बेहतर इलाज के लिए उचित निर्देश दिए। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता अस्पताल में मौजूद रहे और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
राजेंद्र चौधरी का राजनीतिक परिचय
आपको बता दे कि, राजेंद्र चौधरी समाजवादी पार्टी के सबसे अनुभवी और भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते हैं। पार्टी संगठन में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। वे न केवल पार्टी के मुख्य प्रवक्ता के रूप में अपनी बात मजबूती से रखते हैं, बल्कि उत्तराखंड में समाजवादी पार्टी के राज्य प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। पार्टी की चुनावी रणनीति तैयार करने और संगठन की नींव को मजबूत करने में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है।
दशकों पुराना राजनीतिक सफर
राजेंद्र चौधरी का राजनीतिक करियर कई दशकों के संघर्ष और अनुभव से भरा है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत साल 1978 में पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के सानिध्य में की थी। कालांतर में वे समाजवादी आंदोलन के एक प्रमुख चेहरा बने और मुलायम सिंह यादव के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक रहे। उनकी संगठनात्मक कार्यक्षमता के कारण ही पार्टी में उन्हें हमेशा महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी दी गई।
मंत्रिमंडल में कार्यभार और संसदीय अनुभव
उनके करियर का ग्राफ हमेशा ऊपर की ओर रहा है। वर्ष 2002 में मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार में उन्होंने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री के रूप में कार्य किया। तत्पश्चात, वर्ष 2013 में अखिलेश यादव की कैबिनेट में उन्हें शामिल किया गया, जहां उन्होंने जेल तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी कुशलतापूर्वक निभाई। साल 2021 से वे उत्तर प्रदेश विधान परिषद (MLC) के सदस्य के रूप में राज्य के उच्च सदन में पार्टी का पक्ष रख रहे हैं।










