Rajasthan News: राजस्थान की राजनीति और शिक्षा जगत में इन दिनों ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान की गूंज सुनाई दे रही है। बगरू में स्कूल के निरीक्षण के दौरान CJP टीम के विरोध के बाद उपजे विवाद के बीच, भजनलाल सरकार ने सरकारी स्कूलों के कायाकल्प के लिए 12,500 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट और 3 वर्षीय रोडमैप का ऐलान किया है। इस फैसले को CJP एक बड़ी जनहित की जीत बता रही है।
Caste Census: जाति जनगणना पर कांग्रेस का बड़ा वार, खरगे-राहुल ने PM मोदी
CJP की जीत और ‘कॉकरोच इज बैक’ का नारा
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा स्कूलों के विकास के लिए बजट जारी करने के बाद, CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि रामपुरा की घटना के बाद यह कदम उठाया गया है। उन्होंने इसे ‘कॉकरोच इज बैक’ आंदोलन की बड़ी सफलता करार दिया।
आशुतोष रांका ने याद दिलाया कि सरकार ने मार्च 2026 में हाईकोर्ट में दिए गए हलफनामे में इसी तरह के रोडमैप का जिक्र किया था। हालांकि, तब सरकार ने इस कार्य के लिए पांच साल का वक्त मांगा था, लेकिन अब इस नए रोडमैप में इसे घटाकर तीन साल कर दिया गया है, जिसे CJP के दबाव का सीधा परिणाम माना जा रहा है।
सरकार के सामने CJP के तीखे सवाल
बेशक सरकार ने बड़ा ऐलान किया है, लेकिन CJP ने पारदर्शिता और कार्यप्रणाली को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
पुराने कार्यों का हिसाब: रांका ने सवाल किया कि पिछले छह महीनों में सरकार ने असल में कितने स्कूलों की जर्जर इमारतों की मरम्मत की और कितने नए क्लासरूम बनाए, इसका कोई स्पष्ट आंकड़ा जनता के सामने नहीं है।
अधिकारियों के आदेश पर सवाल: शिक्षा अधिकारियों को एक ही दिन में जर्जर इमारतों की रिपोर्ट सौंपने का निर्देश देने पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षक इंजीनियर नहीं होते, इसलिए एक ही दिन में पूरे प्रदेश के स्कूलों का ऐसा निरीक्षण करना व्यावहारिक नहीं है। इसे केवल एक औपचारिकता करार दिया गया है।
आंदोलन जारी रहेगा: CJP ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सरकार यह साबित नहीं करती कि वह सिर्फ खानापूर्ति नहीं कर रही है, बल्कि शिक्षा सुधार के प्रति गंभीर है, तब तक राजस्थान में ‘स्कूल ठीक करो’ आंदोलन पूरी ताकत से जारी रहेगा।
सरकार का ऐतिहासिक रोडमैप और तकनीकी पहल
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए वर्ष 2026-27 से 2028-29 तक का 3 वर्षीय रोडमैप तैयार किया है।
इसके साथ ही, स्कूलों को आधुनिक और डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए दिसंबर 2026 तक 1,087 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस योजना के तहत निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
9,000 स्मार्ट क्लास रूम की स्थापना
80,000 टैबलेट्स का वितरण
7,000 आईसीटी (ICT) लैब का निर्माण










