Bihar News: बिहार की राजधानी पटना में BPSC TRE-4 और अन्य भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। गर्दनीबाग में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों की मांगों में परीक्षा व्यवस्था में बदलाव, PT-Mains सिस्टम को लेकर स्पष्टता, नेगेटिव मार्किंग हटाने और 100 फीसदी डोमिसाइल लागू करने जैसी प्रमुख मांगें शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में बदलाव से उनके हित प्रभावित हो रहे हैं और सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
छात्रों की मांगों के समर्थन में आए केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान
इसी बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने BPSC TRE-4 आंदोलन कर रहे छात्रों की भावनाओं और मांगों का समर्थन किया है। चिराग पासवान ने कहा कि युवाओं और छात्रों की जायज चिंताओं को उचित मंच तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह छात्रों की बात मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे और इन मुद्दों का समाधान निकालने की दिशा में प्रयास करेंगे। उनके इस बयान के बाद आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को सरकार तक अपनी आवाज पहुंचने की उम्मीद जगी है।
BPSC TRE-4 अभ्यर्थियों के मुद्दे पर CM से मिलेंगे चिराग
चिराग पासवान ने कहा कि छात्रों की ओर से जिन बदलावों की मांग की जा रही है, उन्हें लेकर वह मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि वह छात्रों की भावनाओं को समझते हैं और हमेशा सही सोच तथा जायज मुद्दों को उचित मंच तक पहुंचाने का प्रयास करते रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि युवाओं से जुड़े ऐसे मामलों में बातचीत और समाधान का रास्ता निकाला जाना चाहिए।
पहले भी छात्रों और PhD अभ्यर्थियों की आवाज सरकार तक पहुंचाने का किया दावा
चिराग पासवान ने अपने बयान में PhD अभ्यर्थियों से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले भी जब UGC से जुड़े नियमों को लेकर अभ्यर्थियों के बीच चिंताएं सामने आई थीं, तब उन्होंने उनकी बात मुख्यमंत्री के सामने रखने का काम किया था। अब BPSC TRE-4 और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े छात्रों की मांगों को भी सरकार के सामने रखने की बात उन्होंने कही है।
100 फीसदी डोमिसाइल और परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों का विरोध
पटना के गर्दनीबाग में जारी प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी 100 फीसदी डोमिसाइल, PT-Mains व्यवस्था और नेगेटिव मार्किंग हटाने जैसी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। छात्रों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय युवाओं के हितों का ध्यान रखा जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों का एक गुट मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करने के लिए निकल पड़ा।
BPSC TRE-4 छात्रों को रोकने के लिए जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग
छात्रों के मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षाबलों ने जेपी गोलंबर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। बड़ी संख्या में पुलिस बल और CRPF के जवान तैनात किए गए। छात्रों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ गए। इसके बाद छात्र डाकबंगला चौराहे की ओर पहुंच गए, जहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
बैरिकेडिंग टूटने के बाद डाकबंगला चौराहे पर बढ़ा तनाव
डाकबंगला इलाके में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। पुलिस लगातार छात्रों को नियंत्रित करने और इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश करती रही।
लाठीचार्ज और कथित पत्थरबाजी में पुलिस अधिकारी घायल
स्थिति बिगड़ने के बाद डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया। वहीं, प्रदर्शनकारियों की ओर से कथित पत्थरबाजी में टाउन डीएसपी कामाख्या नारायण सिंह के घायल होने की सूचना सामने आई। कई अन्य पुलिसकर्मियों को भी चोट लगने की बात कही गई है। प्रशासन की ओर से इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया।
वाटर कैनन और पुलिस कार्रवाई में छात्रों के घायल होने का दावा
प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई और वाटर कैनन के इस्तेमाल के बीच एक छात्र के सिर में चोट लगने की बात सामने आई है। वहीं, एक छात्रा के बेहोश होने की भी सूचना है। घटना के बाद प्रदर्शन स्थल पर तनाव और बढ़ गया। फिलहाल प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया जा रहा है, जबकि छात्र अपनी मांगों पर कायम हैं।
चिराग के समर्थन से क्या निकलेगा BPSC TRE-4 विवाद का समाधान?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि BPSC TRE-4 छात्रों का आंदोलन किस दिशा में जाता है। एक ओर छात्र अपनी मांगों को लेकर सड़क पर हैं, वहीं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने उनकी आवाज मुख्यमंत्री तक पहुंचाने और समाधान का प्रयास करने का भरोसा दिया है। ऐसे में सबकी नजर अब सरकार की अगली पहल पर है। क्या बातचीत के जरिए छात्रों की मांगों का समाधान निकलेगा या पटना की सड़कों पर आंदोलन और तेज होगा, यह आने वाला वक्त बताएगा।










