Haryana News: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा ने चंडीगढ़ स्थित एमएलए हॉस्टल में एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पिछले कुछ दिनों से मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रही उन तमाम चर्चाओं और अटकलों पर पूरी तरह से विराम लगा दिया, जिनमें उनके पार्टी बदलने और भाजपा में शामिल होने की बात कही जा रही थी। कुलदीप शर्मा ने इन सभी दावों का स्पष्ट शब्दों में खंडन करते हुए साफ कर दिया कि वह कांग्रेस पार्टी में ही हैं और कहीं नहीं जा रहे हैं।
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“बीजेपी में जाने की खबरें बेबुनियाद, मैं कांग्रेस का सिपाही”
प्रेस वार्ता के दौरान अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कुलदीप शर्मा ने कहा कि उनके भाजपा में जाने की अटकलें महज अफवाह हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “मैं बीजेपी में नहीं जा रहा हूँ।” उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर उनके कांग्रेस छोड़ने की जो खबरें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह से निराधार हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह जब भी बोलेंगे, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नीतियों के विरोध में बोलेंगे और उनके कार्यकाल की कमियों को उजागर करेंगे।
कांग्रेस के भीतर आंतरिक लोकतंत्र और कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल
अपनी ही पार्टी की कार्यशैली पर खुलकर बात करते हुए कुलदीप शर्मा ने आंतरिक लोकतंत्र को लेकर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के भीतर उन्हें और अन्य नेताओं को अपनी बात रखने से रोका जाता है। उन्होंने विशेष रूप से जिक्र किया कि हाल ही में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन (प्रोटेस्ट) के दौरान भी उन्हें बोलने नहीं दिया गया था।
उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि आज कांग्रेस वह पार्टी नहीं रही जैसी 2005 में हुआ करती थी। उस समय सरकार में हर वर्ग के लोगों का समावेश और संतुलन था, लेकिन अब पार्टी का वह “गुलदस्ता” बिखर चुका है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान में कांग्रेस संगठन के भीतर आंतरिक लोकतंत्र खतरे में पड़ता नजर आ रहा है।
भ्रष्टाचार और सरकार की नीतियों पर तीखा हमला
हरियाणा की मौजूदा राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिति पर बोलते हुए कुलदीप शर्मा ने सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है और सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार अपने चरम पर है। उन्होंने हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) को लेकर भी सवाल उठाए और तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
इसके साथ ही, उन्होंने अपनी राजनीतिक ईमानदारी और साफ-सुथरी छवि का हवाला देते हुए कहा कि उन पर लगाए जाने वाले तमाम आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने खुद को एक ईमानदार पिता का ईमानदार बेटा बताते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति उन पर भ्रष्टाचार का झूठा इल्जाम नहीं लगा सकता है।
बयानबाजी और शालीनता की नसीहत
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंत में कुलदीप शर्मा ने अपनी ही पार्टी के नेताओं को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेताओं के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। इस तरह की बयानबाजी से भाजपा को राजनीतिक फायदा मिल जाता है और बात का रुख भटक जाता है। कुलदीप शर्मा के इन बयानों से राज्य के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर से चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।
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