Haryana News: हरियाणा में EV पर बड़ा फायदा, मुफ्त रजिस्ट्रेशन से बचेंगे लाखों रुपये

हरियाणा सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए मुफ्त पंजीकरण की सुविधा शुरू कर दी है, जिसके तहत अंबाला में राज्य का पहला ईवी (EV) सफलतापूर्वक पंजीकृत कर लिया गया है।

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Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 25, 2026

Haryana News: हरियाणा राज्य में पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को रफ्तार देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश में अब इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का मुफ्त पंजीकरण शुरू हो चुका है, जिसके तहत अंबाला जिले में पहला इलेक्ट्रिक वाहन सफलतापूर्वक रजिस्टर्ड किया गया है। राज्य सरकार द्वारा वाहन पंजीकरण शुल्क और मोटर व्हीकल टैक्स में पूरी छूट दिए जाने से वाहन मालिकों को लाखों रुपये की भारी बचत हुई है। इस पहल से न केवल आम जनता को आर्थिक राहत मिली है, बल्कि राज्य में हरित ऊर्जा और स्वच्छ परिवहन के एक नए दौर की शुरुआत भी हुई है।

इलेक्ट्रिक वाहनों पर टैक्स में भारी छूट का प्रावधान

हरियाणा सरकार की नई नीति के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए आकर्षक छूट का दायरा तय किया गया है:

30 लाख रुपये तक के वाहन: ऐसे नए विशुद्ध इलेक्ट्रिक या बैटरी से चलने वाले दो-पहिया, तीन-पहिया (ऑटो और ई-रिक्शा) तथा चार-पहिया वाहनों के पंजीकरण पर मोटर वाहन कर में 100 प्रतिशत यानी पूरी छूट दी जा रही है।

30 लाख रुपये से अधिक के वाहन: 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर मोटर वाहन कर में 50 प्रतिशत की छूट का प्रावधान किया गया है।

पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण का लक्ष्य

इस महत्वपूर्ण नीति को लागू करने का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करना और बढ़ते प्रदूषण पर अंकुश लगाना है। सरकार का मानना है कि वायु गुणवत्ता में सुधार और पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ परिवहन प्रणालियों को अपनाने से हरियाणा में हरित विकास को बल मिलेगा। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस सरकारी निर्णय से राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में उल्लेखनीय उछाल आएगा। इससे पेट्रोल और डीजल जैसे पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक ठोस कदम उठाया जा सकेगा।

पड़ोसी राज्यों से पलायन रोकने और राजस्व बचाने की पहल

इस योजना को शुरू करने के पीछे एक बड़ा कारण यह भी था कि दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे पड़ोसी क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिल रही टैक्स छूट के कारण हरियाणा के खरीदार अपने वाहन वहां पंजीकृत करवा रहे थे। इस प्रक्रिया की वजह से न केवल स्थानीय वाहन उद्योग प्रभावित हो रहा था, बल्कि राज्य के राजस्व को भी नुकसान उठाना पड़ रहा था।

इन तमाम पहलुओं को ध्यान में रखते हुए, परिवहन मंत्री अनिल विज ने ईवी पर रजिस्ट्रेशन शुल्क और मोटर व्हीकल टैक्स में पूरी छूट देने का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यमंत्री के पास भेजा था। इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति प्रदान कर दी, जिससे अब हरियाणा के खरीदार अपने राज्य में ही वाहन पंजीकृत करवाकर इस योजना का पूरा लाभ उठा रहे हैं।

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