Bihar News: राजधानी पटना में मंगलवार को विभिन्न छात्र संगठनों के सीएम आवास घेराव के लिए निकलने के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विद्यार्थियों के लिए बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों की हर समस्या, शिकायत और सुझाव को गंभीरता से सुनेगी और उनके समाधान के लिए प्रभावी व्यवस्था तैयार की गई है। इसी कड़ी में मंगलवार से ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ की शुरुआत की गई।
छात्र आंदोलन के बीच CM सम्राट चौधरी का बड़ा कदम
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर विद्यार्थी सहयोग शिविर की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार विद्यार्थियों की समस्याओं और शिकायतों का त्वरित एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए यह पहल शुरू कर रही है।
हर महीने शिक्षण संस्थानों में लगेगा विद्यार्थी सहयोग शिविर
मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रत्येक महीने के चौथे मंगलवार को शिक्षण संस्थानों में विद्यार्थी सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में छात्र अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सीधे सरकार तथा संबंधित अधिकारियों के सामने रख सकेंगे। सरकार का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं को सुनकर उनके समाधान की प्रक्रिया को तेज करना है।
विद्यार्थी सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन 1100 की सुविधा
छात्रों को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के जरिए छात्र अपनी समस्याएं ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इसके साथ ही हेल्पलाइन नंबर 1100 के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा होगी।
शिकायत की स्थिति भी ऑनलाइन जान सकेंगे छात्र
सरकार की ओर से शुरू की गई व्यवस्था के तहत विद्यार्थी अपनी शिकायत दर्ज करने के बाद उसकी स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। इससे शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया में पारदर्शिता आने और छात्रों को अपनी समस्या की प्रगति जानने में मदद मिलने की उम्मीद है।
छात्र संगठनों के प्रदर्शन के बीच सरकार का संदेश
पटना में मंगलवार को अलग-अलग छात्र संगठनों के कार्यकर्ता और विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर सीएम आवास का घेराव करने के लिए निकले। इसी दौरान मुख्यमंत्री की ओर से विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान के लिए नई व्यवस्था की घोषणा सामने आई है।
‘विद्यार्थियों की हर आवाज सुनी जाएगी’
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संदेश में कहा कि विद्यार्थियों की हर बात सुनी जाए और उनकी हर समस्या का समाधान हो, यही सरकार का संकल्प है। उन्होंने छात्र हित से जुड़े मामलों के त्वरित समाधान पर जोर दिया।
तेजस्वी यादव ने भी उठाए थे छात्रों के मुद्दे
विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों की समस्याओं को लेकर इससे पहले आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कई मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया था।
भर्ती परीक्षा, पेपर लीक और रिजल्ट में देरी का मुद्दा
तेजस्वी यादव ने अपने पत्र में भर्ती परीक्षाओं में देरी, पेपर लीक की घटनाओं, परीक्षाओं के रद्द होने और परिणाम जारी करने में विलंब जैसे मुद्दे उठाए थे। उन्होंने कहा था कि इन समस्याओं के कारण छात्रों और अभ्यर्थियों के बीच असंतोष और चिंता का माहौल बन रहा है।
उन्होंने सरकार से छात्रों और अभ्यर्थियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए समस्याओं का जल्द समाधान करने की अपील की थी।
‘बिहार विद्या साथी’ ऐप से ऑनलाइन शिक्षा की पहल
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इससे पहले ‘बिहार विद्या साथी’ ऐप भी लॉन्च कर चुके हैं। इस ऐप के जरिए विद्यार्थियों को 24 घंटे और सातों दिन ऑनलाइन शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। कक्षा 9 से 12वीं तक के विद्यार्थियों को निशुल्क लाइव कक्षाओं की सुविधा देने की बात कही गई है।
पसंद के शिक्षक से पढ़ाई कर सकेंगे विद्यार्थी
‘बिहार विद्या साथी’ ऐप के माध्यम से विद्यार्थी अपनी पसंद के शिक्षक से पढ़ाई कर सकेंगे। सरकार के मुताबिक, इस पहल से प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने में मदद मिलेगी।
38 जिलों के 700 मॉडल स्कूलों के छात्रों को फायदा
सरकार की इस डिजिटल शिक्षा पहल का लाभ बिहार के सभी 38 जिलों के 700 मॉडल विद्यालयों के करीब तीन लाख विद्यार्थियों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। विद्यार्थी सहयोग शिविर, ऑनलाइन शिकायत पोर्टल, हेल्पलाइन और डिजिटल शिक्षा जैसी पहलों के जरिए सरकार छात्र समस्याओं के समाधान और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दे रही है।
अब छात्र संगठनों के प्रदर्शन के बीच शुरू की गई विद्यार्थी सहयोग शिविर व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होती है और छात्रों की शिकायतों का कितनी तेजी से समाधान होता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।










