Rajasthan News: जोधपुर की प्रसिद्ध कथा वाचक साध्वी प्रेम बाईसा की अचानक और संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में शोक और सनसनी फैला दी है। उनकी असामयिक मृत्यु के बाद जोधपुर पुलिस कमिश्नर ने मामले की गहन और निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है।
Rajasthan News: साध्वी प्रेम बाईसा के निधन पर उठा विवाद, सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ाई मुश्किलें
एसआईटी का गठन और जांच का ढांचा

पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर गठित इस एसआईटी में तीन सदस्य शामिल हैं, जिसकी अगुवाई एसीपी छवि शर्मा कर रही हैं। टीम में बोरनाडा थाने के इंचार्ज शकील अहमद भी शामिल हैं। इसके अलावा, जांच को वैज्ञानिक और तकनीकी आधार पर मजबूत करने के लिए फॉरेंसिक एक्सपर्ट को भी टीम में जोड़ा गया है। पुलिस का कहना है कि एसआईटी साध्वी प्रेम बाईसा की मौत से जुड़े हर पहलू की जांच करेगी। पोस्टमार्टम और सैंपल की जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साध्वी प्रेम बाईसा का जीवन और अध्यात्मिक यात्रा
साध्वी प्रेम बाईसा का जन्म राजस्थान के बालोतरा जिले के गांव परेऊ में हुआ था। मात्र 12 साल की उम्र में उन्होंने अध्यात्म और धर्म के मार्ग को अपना लिया था। उनके जीवन में भक्ति, साधना और संघर्ष का गहरा प्रभाव रहा। स्थानीय लोगों के अनुसार, मां के निधन के बाद वह जोधपुर के आश्रम में रहने लगी थीं और संतों के मार्गदर्शन में कथा वाचन और भजन गायन में विशेष पहचान बनाई। 12 साल की उम्र में उन्होंने पहली कथा की और तभी से उनकी ख्याति बढ़ने लगी। साध्वी प्रेम बाईसा ने दूर-दराज के क्षेत्रों में जाकर लोगों को धर्म, भक्ति और नैतिक मूल्यों की शिक्षा दी। उनके जीवन का उद्देश्य हमेशा समाज में आध्यात्मिक चेतना और नैतिकता को बढ़ावा देना रहा।
मृत्यु और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया
रिपोर्ट्स के अनुसार, साध्वी प्रेम बाईसा 27 जनवरी 2026 को अजमेर से कथा पूरी करके जोधपुर के आरती नगर आश्रम लौटी थीं। लौटने के बाद उन्हें सांस लेने में तकलीफ हुई। आश्रम के कंपाउंडर ने उन्हें तत्काल इंजेक्शन लगाया, लेकिन तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें पाल रोड के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। जहां उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों की अनुमति से पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाया और विसरा सैंपल जांच के लिए भेजा। पोस्टमार्टम और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। 28 जनवरी को उनका पार्थिव शरीर जोधपुर से परेऊ लाया गया और 30 जनवरी को पूरे विधि-विधान के साथ समाधि संस्कार संपन्न हुआ।
श्रद्धालुओं और समाज का शोक
साध्वी प्रेम बाईसा के समाधि संस्कार में भक्तों, संतों और ग्रामीणों की भारी संख्या शामिल हुई। उनके आने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों और शहरों से श्रद्धालु पहुंचे। उनकी मौत ने न केवल परिवार बल्कि पूरे समाज को गहरे शोक में डाल दिया। एसआईटी की जांच से यह स्पष्ट होगा कि उनके निधन में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या संदिग्ध गतिविधि हुई या नहीं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच पूर्ण निष्पक्षता और वैज्ञानिक तरीके से होगी और मामले में शामिल सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी।









