UP Assembly Session 2026: राजा भैया ने महिला आरक्षण पर बेबाकी से रखा पक्ष, सदन में लगे ठहाके

उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में विधायक राजा भैया ने महिला आरक्षण पर अपनी बेबाक राय रखी। उन्होंने 'प्रधान पति' प्रथा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि केवल आरक्षण से उत्थान नहीं होगा। चर्चा के दौरान राजा भैया और स्पीकर सतीश महाना के बीच 'बेटा बचाओ' अभियान को लेकर हुई मजेदार बातचीत ने पूरे सदन को ठहाकों से भर दिया।

UP Assembly Session 2026

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 1, 2026

UP Assembly Session 2026: उत्तर प्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र के दौरान कुंडा से विधायक और लोकतांत्रिक जनसत्ता पार्टी के अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ ‘राजा भैया’ ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम और देश में सीटों के परिसीमन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि 2011 के बाद से अब तक जनगणना नहीं हुई है, जिसके कारण जनप्रतिनिधियों और जनता के अनुपात में असंतुलन पैदा हो गया है। राजा भैया ने तर्क दिया कि बढ़ती आबादी को देखते हुए लोकसभा और राज्यसभा की सीटों में वृद्धि अनिवार्य है। उन्होंने उम्मीद जताई कि 2027 में जनगणना पूरी होने के बाद सीटों की संख्या बढ़ेगी, जिससे जनता की समस्याओं का बेहतर समाधान हो सकेगा।

महिला सशक्तीकरण की जमीनी हकीकत

महिला आरक्षण के व्यावहारिक पक्ष पर चर्चा करते हुए राजा भैया ने राजनीति में महिलाओं की वास्तविक स्थिति पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को आरक्षण तो प्राप्त है, लेकिन धरातल पर आज भी ‘प्रधान पति’ की संस्कृति हावी है। राजा भैया के अनुसार, “गांवों में लोग महिला प्रधान का नाम तक नहीं जानते, सारा काम उनके पति देखते हैं।” उन्होंने सवाल उठाया कि क्या केवल कागजी आरक्षण से महिलाओं का वास्तविक उत्थान संभव है? उनके अनुसार, सदन में मौजूद महिला विधायक बिना किसी आरक्षण के पुरुषों को चुनावी शिकस्त देकर अपनी योग्यता साबित कर चुकी हैं।

विधानसभा में ‘बेटा बचाओ’ पर चर्चा

सदन में चर्चा के दौरान उस समय हंसी के फव्वारे छूट पड़े जब राजा भैया ने भविष्य की राजनीति पर चुटकी ली। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि जिस तरह महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों को पछाड़ रही हैं, कहीं ऐसा न हो कि 15-20 साल बाद पुरुषों के अधिकारों के लिए विशेष सत्र बुलाना पड़े। इस पर विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने भी चुटकी लेते हुए कहा, “कहीं बेटी बचाओ की जगह बेटा बचाओ अभियान न चलाना पड़ जाए।” इस संवाद के बाद पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा और राजा भैया ने भी मुस्कुराते हुए पुरुष सशक्तीकरण की बात दोहराई।

राजा भैया ने कानून व्यवस्था और नारी सुरक्षा की सराहना की

अपने संबोधन के समापन पर राजा भैया ने उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था और नारी सुरक्षा की सराहना की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की बेटियां न केवल सक्षम बन रही हैं, बल्कि खुद को सुरक्षित भी महसूस कर रही हैं। उन्होंने संविधान की मूल भावना का हवाला देते हुए कहा कि लैंगिक असमानता (Gender Inequality) को समाप्त करना हम सभी का उत्तरदायित्व है। राजा भैया ने जोर देकर कहा कि आबादी के बढ़ते बोझ को संभालने के लिए जनप्रतिनिधियों की शारीरिक क्षमता सीमित है, इसलिए सीटों की संख्या बढ़ाकर लोकतांत्रिक सामंजस्य स्थापित करना समय की मांग है।