Rain Alert : उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। हरियाणा राज्य में मानसून एक बार फिर से पूरी तरह सक्रिय होने जा रहा है, जिससे लंबे समय से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के विभिन्न जिलों में आगामी 17 और 18 अगस्त 2026 को भारी बारिश, तेज हवाओं और वज्रपात (गरज-चमक) की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दो दिन राज्य के कई हिस्सों के लिए काफी महत्वपूर्ण रहने वाले हैं, जिसके चलते प्रशासन और आम जनता दोनों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
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मौसमी प्रणालियों का प्रभाव और चक्रवाती परिसंचरण
मौसम विज्ञान केंद्र चंडीगढ़ से प्राप्त आंकड़ों और रिपोर्ट के मुताबिक, इस समय उत्तर हरियाणा और उसके आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से लगभग 0.9 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है। यह मौसमी सिस्टम बारिश की गतिविधियों को तेजी से बढ़ावा दे रहा है।
इसके अतिरिक्त, मुख्य मानसून द्रोणिका (Monsoon Trough) इस समय फिरोजपुर, बरेली, लखनऊ और जमशेदपुर से होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है। साथ ही, पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओडिशा तट के पास समुद्र तल पर एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) भी सक्रिय है। इन तमाम मौसमी कारकों के आपस में मिलने से हरियाणा के वायुमंडल में नमी की मात्रा काफी बढ़ गई है, जिससे राज्यभर में झमाझम बारिश के अनुकूल परिस्थितियां पैदा हो गई हैं।
इन जिलों में भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग के अनुसार, 17 अगस्त को विशेष रूप से उत्तरी हरियाणा के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बादलों का डेरा रहेगा। दोपहर के समय जारी अपडेट के मुताबिक, पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।
इसके अलावा राजधानी चंडीगढ़ सहित कुरुक्षेत्र, कैथल और करनाल जैसे जिलों में भी कुछ चुनिंदा स्थानों पर हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने का अनुमान है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और छिटपुट बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
18 अगस्त को और अधिक व्यापक होगी बारिश की गतिविधियां
मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि 18 अगस्त को बारिश का दायरा और अधिक व्यापक तथा तीव्र हो जाएगा। इस दौरान हरियाणा के पंचकूला और यमुनानगर जिलों में कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज गर्जन और बिजली चमकने (वज्रपात) की चेतावनी दी गई है।
केवल उत्तरी हरियाणा ही नहीं, बल्कि दक्षिण और मध्य हरियाणा के कई बड़े शहरों में भी इसका असर दिखाई देगा। चंडीगढ़, पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल के साथ-साथ एनसीआर के करीबन जिले जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत और पानीपत समेत प्रदेश के एक बड़े हिस्से में अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश दर्ज किए जाने की संभावना है।
पिछले 24 घंटों की स्थिति और जनता के लिए सलाह
पिछले 24 घंटों के दौरान भी हरियाणा के छिटपुट इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में हल्की गिरावट आई है। हालांकि, आर्द्रता (Humidity) बढ़ने के कारण उमस का अहसास अभी भी बना हुआ है, जिसे आगामी दो दिनों में होने वाली झमाझम बारिश पूरी तरह से दूर कर देगी।
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों को सलाह दी है कि भारी बारिश और गरज-चमक के दौरान खुले में जाने से बचें, पेड़ों के नीचे शरण न लें और जलभराव वाले संभावित मार्गों पर यात्रा करते समय पूरी सावधानी बरतें।
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