Haryana News: खनौरी बॉर्डर सील, दिल्ली कूच की तैयारी में किसान; सरकार से बातचीत जारी

जींद में किसानों के दिल्ली कूच की आहट और 'किसान बचाओ पैदल यात्रा' को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।

Haryana News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 16, 2026

Haryana News: देश की राजधानी दिल्ली की ओर किसानों के एक बार फिर से कूच करने की आहट के साथ हरियाणा और पंजाब की सीमाओं पर सरगर्मी तेज हो गई है। जींद जिले में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है और खनौरी-दातासिंहवाला बॉर्डर को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।

इस बीच, किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल खनौरी बॉर्डर पर पहुंच चुके हैं, जहां उन्होंने मीडिया और समर्थकों से बातचीत करते हुए कहा कि किसान अपनी मांगों को लेकर कल उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) और सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) का रुख करेंगे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन और किसानों के बीच गतिरोध को सुलझाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और किसान प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण बातचीत का दौर शुरू हो गया है।

UP Politics: 2027 में वापसी के लिए मायावती को करना होगा बड़ा बदलाव,

प्रशासनिक सुरक्षा व्यवस्था और 5-लेयर बैरिकेडिंग

जींद के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने खुद मोर्चा संभालते हुए सुरक्षा व्यवस्था की कमान अपने हाथ में ली हुई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसानों को दिल्ली की तरफ आगे बढ़ने से रोकने के लिए बॉर्डर पर सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं।

पुख्ता किलेबंदी: खनौरी बॉर्डर पर सुरक्षा के लिए 5-लेयर की मजबूत बैरिकेडिंग की गई है। रास्ते को पूरी तरह बाधित करने के लिए भारी पत्थरों और बड़े-बड़े कंटेनरों का इस्तेमाल किया गया है।

दस्ता और उपकरण: स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार है। मौके पर आंसू गैस के गोले दागने वाले विशेष वाहन, वज्रा मशीन, वाटर कैनन (वज्र वाहन), जेसीबी और दमकल विभाग की गाड़ियों को तैनात किया गया है।

यातायात डायवर्जन: पंजाब की ओर जाने वाले सभी छोटे-बड़े वाहनों की सघन जांच की जा रही है। सुरक्षा के मद्देनजर फतेहाबाद, सिरसा और डबवाली सहित कई अन्य जिलों की पुलिस बल को भी संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है।

प्रशासन के साथ पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की वार्ता

गतिरोध को समाप्त करने के लिए किसानों की ओर से एक पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जींद के जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के साथ उच्च-स्तरीय बैठक की शुरुआत की है। काका सिंह कोटड़ा (राज्य सचिव, बीकेयू एकता सिद्धपुर) की अध्यक्षता में वार्ता करने वाले प्रमुख किसान नेताओं में शामिल हैं:

गुरमेल सिंह (पंजाब, इंडियन फार्मर संगठन)

इंद्रजीत सिंह पनीवाला (राज्य अध्यक्ष, बीकेयू एकता सिद्धपुर, राजस्थान)

बलदेव सिंह सिरसा

सुखदेव सिंह भोजराज (राज्य अध्यक्ष, किसान जवान भलाई यूनियन, पंजाब)

गुरमेल सिंह (राज्य सचिव, बीकेयू भैरो गुट)

कैथल में किसानों को रोकना और पुलिस की सख्ती

दूसरी ओर, हरियाणा के कैथल जिले में भी पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए बीकेयू एकता सिद्धपुर (हरियाणा) के राज्य अध्यक्ष अभिमन्यु कोहाड़ समेत करीब 18 से 20 किसानों को धनौरी गांव के पास रोक लिया है। जींद के एसपी ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी स्थिति में किसानों को हरियाणा की सीमा पार करके दिल्ली की तरफ कूच नहीं करने दिया जाएगा।

प्रशासनिक सख्ती के जवाब में किसान संगठनों ने भी साफ कर दिया है कि यदि उन्हें उनके शांतिपूर्ण मार्च से रोका गया, तो वे उसी स्थान पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर देंगे। फिलहाल बॉर्डर पर पुलिस और किसानों के आमने-सामने होने की वजह से तनाव का माहौल बना हुआ है।

‘किसान बचाओ पदयात्रा’ की रूपरेखा और आगे का कार्यक्रम

तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार, आज खनौरी-दातासिंहवाला बॉर्डर से ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ का आधिकारिक आगाज होना है:

सुबह का जुटान: सुबह 11 बजे स्थानीय गुरुद्वारे के समीप बड़ी संख्या में किसान और पदयात्री एकत्र होना शुरू हो गए।

सभा और अरदास: दोपहर 12:30 बजे विशेष अरदास का आयोजन किया जाएगा, जिसके बाद एक जनसभा होगी।

दिल्ली के लिए पैदल जत्था: दोपहर करीब 3 बजे 51 पदयात्रियों का मुख्य जत्था शुभकरण सिंह के शहीदी स्थल की पवित्र मिट्टी लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर के लिए पैदल रवाना होगा।

पड़ाव: किसानों की इस लगभग 228 किलोमीटर लंबी पदयात्रा का पहला रात्रि विश्राम बेलरखा गांव में तय किया गया है, जहां सभी पदयात्री विश्राम करेंगे।

दूध-पनीर में हानिकारक रसायन मिला तो खैर नहीं, यूपी सरकार ने दिए कड़े