Rahul Gandhi In Sultanpur: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शुक्रवार को केंद्री गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े मानहानि मामले में सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए। इस दौरान उन्होंने अदालत के समक्ष अपना बयान दर्ज कराया। यह मामला उनके उस कथित बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने बीजेपी नेतृत्व को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। अदालत में पेशी को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमा गाया है। पिछली सुनवाई में अनुपस्थित रहने के कारण अदालत ने 20 फरवरी 2026 की तारीख तय की थी। निर्धारित तिथि पर राहुल गांधी कोर्ट पहुंचे और कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इससे पहले फरवरी 2024 में अदालत उन्हें इस मामले में जमानत दे चुकी है।
Rahul Gandhi In Sultanpur: सुल्तानपुर की MP-MLA कोर्ट में राहुल गांधी की पेशी, 2018 मामले पर सुनवाई
प्रियंका गांधी का आरोप
आपको बता दें कि, राहुल गांधी की पेशी के बाद कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी ने इस पूरे मामले को राजनीतिक प्रताड़ना बताया। असम दौरे पर मौजूद प्रियंका गांधी ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ झूठा मुकदमा दायर कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी नेता सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे केंद्रीय एजेंसियों के जरिए निशाना बनाया जाता है। प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से इस तरह की कार्रवाई का सामना कर रही है और सच बोलने वालों को दबाने की कोशिश की जा रही है।
क्या है मानहानि का पूरा मामला?
बताते चलें कि, यह मामला अक्टूबर 2018 में सुल्तानपुर जिले के एक बीजेपी कार्यकर्ता विजय मिश्रा द्वारा दर्ज कराया गया था। शिकायत में कहा गया कि अगस्त 2018 में कर्नाटक के चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा था कि बीजेपी स्वच्छ राजनीति की बात करती है, लेकिन उसका नेतृत्व ऐसे व्यक्ति के हाथ में है, जो हत्या के मामले में आरोपी रहा है। इसी बयान को आधार बनाकर उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया गया। अदालत ने सुनवाई के बाद राहुल गांधी को जमानत दी थी, लेकिन मुकदमे की कार्यवाही जारी है।
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असम में भी सियासी हमला
इसी बीच, प्रियंका गांधी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर भी निशाना साधा। असम विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र वहां की स्क्रीनिंग कमेटी की अध्यक्ष के रूप में सक्रिय प्रियंका ने आरोप लगाया कि राज्य की संपत्तियां बड़े उद्योगपतियों को सौंपी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान दो तरह की राजनीति देखने को मिलती है—एक जो विकास और जनहित की बात करती है, और दूसरी जो समाज को बांटने और व्यक्तिगत हमलों पर आधारित होती है। प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति कभी भी ध्रुवीकरण पर आधारित नहीं रही है।









