Rahul Gandhi का केंद्र सरकार पर बड़ा हमला, छात्र आंदोलन और शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए गंभीर सवाल

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्र आंदोलन में शामिल युवाओं से मुलाकात के बाद केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक, छात्रों पर कथित कार्रवाई और लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर सवाल उठाए। राहुल ने कहा कि युवाओं की आवाज दबाना लोकतंत्र के लिए सही नहीं है।

Rahul Gandhi

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 5, 2026

Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देश के विभिन्न राज्यों से आए छात्र प्रदर्शनकारियों और युवाओं से मुलाकात के बाद केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि छात्रों ने उनसे खुलकर बातचीत की और बताया कि आंदोलन के दौरान उन्हें लाठीचार्ज, धमकियों और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। राहुल गांधी ने कहा कि इन युवाओं ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का साहस दिखाया है और वे उनके संघर्ष पर गर्व महसूस करते हैं।

शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक पर राहुल गांधी का हमला

बताते चले कि, राहुल गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि मौजूदा सिस्टम गंभीर संकट से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि छात्र केवल बेहतर और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे हैं। पेपर लीक रोकने, निष्पक्ष परीक्षाएं कराने और शिक्षा में सुधार की मांग करना किसी भी तरह से अपराध नहीं माना जा सकता।उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में युवाओं को अपनी आवाज उठाने का पूरा अधिकार है और सरकार को उनकी मांगों को सुनना चाहिए, न कि उन्हें दबाने का प्रयास करना चाहिए।

छात्र आंदोलन में कथित उत्पीड़न का मुद्दा

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन के दौरान कई युवाओं और उनके परिवारों पर दबाव बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को डराने-धमकाने की कोशिश की गई।कांग्रेस सांसद ने कहा कि एक 15 वर्षीय छात्रा से कथित तौर पर जबरन माफी मंगवाई गई और पूरे घटनाक्रम को स्वीकार करने का दबाव बनाया गया। राहुल गांधी ने इस तरह की कार्रवाई को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए इसकी आलोचना की।

युवाओं के भविष्य और संविधान की रक्षा पर राहुल गांधी का जोर

राहुल गांधी ने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्र केवल अपने व्यक्तिगत हितों के लिए नहीं, बल्कि पूरे समाज और देश के भविष्य के लिए आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अन्याय के खिलाफ खड़े होने का साहस ही भारतीय संविधान की असली भावना है।उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को डर और उत्पीड़न नहीं, बल्कि सुरक्षित भविष्य, निष्पक्ष अवसर और पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था की जरूरत है। सरकार को छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेना चाहिए।

राहुल गांधी का अमित शाह पर हमला

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी सीधे निशाना साधा। उन्होंने कहा कि छात्र आंदोलन में शामिल युवाओं ने जिस साहस के साथ अपनी बात रखी, उसी तरह सरकार को भी जवाबदेही दिखानी चाहिए।राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों पर हुई कथित हिंसा और कार्रवाई के लिए गृह मंत्री जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को इस मामले पर खुलकर अपनी बात रखनी चाहिए।

छात्रों पर कथित हिंसा को लेकर राहुल गांधी ने सरकार से मांगा जवाब

कांग्रेस नेता ने कहा कि छात्रों के खिलाफ हुई कथित कार्रवाई को लेकर केवल दो संभावनाएं हो सकती हैं। पहली, यदि गृह मंत्री को इस कार्रवाई की जानकारी नहीं थी, तो यह प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। दूसरी, यदि कार्रवाई उनकी जानकारी या निर्देश पर हुई, तो इसकी नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी भी उन्हीं की बनती है।राहुल गांधी ने कहा कि दोनों ही परिस्थितियों में सरकार को इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए और छात्रों की सुरक्षा व अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। उन्होंने दोहराया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनका सम्मान किया जाना चाहिए।