Rahul Gandhi Chhatra Sammelan: देश में पिछले कुछ समय से लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों, विभिन्न राष्ट्रीय परीक्षाओं में धांधली और युवाओं के बीच बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने केंद्र सरकार को घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दिशा-निर्देशन और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन की शुरुआत करने जा रही है।
इस महा-आंदोलन का मुख्य उद्देश्य देश के करोड़ों छात्रों और युवाओं के साथ हो रहे कथित धोखे के खिलाफ एक मजबूत और सामूहिक आवाज बुलंद करना है। इन सम्मेलनों के माध्यम से परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र, शिक्षक, विभिन्न युवा संगठन और पेपर लीक घोटालों के पीड़ित युवा सीधे राहुल गांधी के साथ संवाद कर अपनी चिंताओं और समस्याओं को साझा करेंगे।
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राहुल गांधी संभालेंगे कमान
युवाओं की इस लड़ाई को धार देने के लिए राहुल गांधी खुद मैदान में उतर रहे हैं। वे देश के उन प्रमुख शहरों का दौरा करेंगे जिन्हें शिक्षा और कोचिंग का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। इस छात्र सम्मेलन अभियान का पूरा कार्यक्रम इस प्रकार तय किया गया है:
17 जून: कोटा (राजस्थान) – यहाँ से इस देशव्यापी छात्र सम्मेलन की आधिकारिक शुरुआत होगी।
10 जुलाई: इलाहाबाद/प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) – प्रतियोगी परीक्षाओं के इस बड़े गढ़ में राहुल छात्रों से रूबरू होंगे।
11 जुलाई: पटना (बिहार) – बिहार के युवाओं और छात्रों के साथ संवाद का कार्यक्रम तय किया गया है।
14 जुलाई: नई दिल्ली – देश की राजधानी में इस अभियान का समापन एक बड़े युवा समागम के साथ होगा।
‘सड़क से संसद तक’ घेराव
कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल द्वारा जारी किए गए आधिकारिक बयान के अनुसार, राहुल गांधी इस आंदोलन के जरिए युवाओं की जायज मांगों को केवल सड़क पर ही नहीं, बल्कि आगामी संसद सत्र के दौरान सदन के भीतर भी प्रमुखता से उठाएंगे।
कांग्रेस पार्टी की मुख्य मांगें
NEET का विकेंद्रीकरण: नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) जैसी बड़ी परीक्षाओं के आयोजन और प्रबंधन का विकेंद्रीकरण किया जाए ताकि राज्यों को भी अधिकार मिलें।
फीस माफी: सभी प्रकार की सरकारी प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म की फीस को पूरी तरह से समाप्त (मुफ्त) किया जाए।
सख्त कानून: पेपर लीक कराने वाले संगठित माफियाओं के खिलाफ कड़े और गैर-जमानती कानूनी प्रावधान लागू किए जाएं।
नैतिक जिम्मेदारी: परीक्षाओं में हो रही लगातार नाकामियों और धांधली को देखते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से तुरंत इस्तीफा दें।
कैंपस से कोचिंग सेंटरों तक चलेगा व्यापक महा-अभियान
इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन को देश के प्रत्येक कोने और जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए कांग्रेस ने अपनी सभी अनुषंगी इकाइयों को सक्रिय कर दिया है। कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI (नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया), यूथ कांग्रेस और पार्टी की सभी स्थानीय कमेटियां इस अभियान को सफल बनाने के लिए संयुक्त रूप से काम करेंगी।
इसके तहत पार्टी कार्यकर्ता देश भर के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, स्कूलों, कोचिंग सेंटरों और युवा हॉस्टलों में जाकर छात्रों से सीधा संपर्क स्थापित करेंगे और उनकी राय जानेंगे। मैदानी आंदोलन के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी एक व्यापक डिजिटल कैंपेन चलाया जाएगा और राहुल गांधी के सम्मेलनों की देश भर के शैक्षणिक संस्थानों के बाहर लाइव स्क्रीनिंग भी की जाएगी।
कांग्रेस का स्पष्ट कहना है कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य और भारत की निष्पक्ष शिक्षा प्रणाली की साख को बचाने की एक पवित्र लड़ाई है। पार्टी आगामी संसद सत्र में इस विषय पर व्यापक चर्चा और एक बेहद सख्त राष्ट्रीय कानून बनाने की मांग पर अड़ी रहेगी।
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