NEET Re-Exam: ‘बच्चों के भविष्य के साथ जुआ बंद करो’, नीट सेंटर विवाद पर राहुल गांधी का सरकार पर बड़ा हमला

नीट (NEET-2026) दोबारा परीक्षा से ठीक पहले नागपुर के एक छात्र को संयुक्त अरब अमीरात (अबूधाबी) का परीक्षा केंद्र मिलने पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एनटीए पर तीखा हमला बोला है। राहुल ने इसे मानसिक शांति की वसूली बताया, जिसके बाद बैकफुट पर आई एनटीए ने छात्र का सेंटर बदलने का भरोसा दिया है।

NEET Re-Exam

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 20, 2026

NEET Re-Exam: मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET-2026) की पुनर्परीक्षा से ठीक पहले नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नागपुर के एक छात्र का परीक्षा केंद्र सात समंदर पार संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के अबूधाबी में आवंटित करने का मामला अब पूरी तरह गरमा गया है। इस गंभीर प्रशासनिक लापरवाही और तकनीकी ब्लंडर पर अब राजनीति भी तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार और एनटीए को कटघरे में खड़ा किया है। छात्र के पास पासपोर्ट न होने और परिवार की आर्थिक तंगी का हवाला देते हुए उन्होंने देश की संपूर्ण परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, विवाद बढ़ने के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने भी इस संवेदनशील मुद्दे पर अपनी आधिकारिक सफाई पेश की है।

राहुल गांधी का सोशल मीडिया पर तीखा हमला

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा कर पीड़ित छात्र का दर्द बयां किया। उन्होंने लिखा कि नागपुर का एक होनहार बच्चा बीते एक महीने से दिन-रात नीट दोबारा परीक्षा (NEET Re-exam) की मुस्तैदी से तैयारी कर रहा था, लेकिन कल परीक्षा से ठीक एक दिन पहले जब उसने अपना नया प्रवेश पत्र (Admit Card) डाउनलोड किया, तो परीक्षा स्थल के रूप में अबूधाबी का नाम देखकर उसके होश उड़ गए।

राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब उस छात्र के पास न तो वैध पासपोर्ट है, न ही उसके मध्यमवर्गीय परिवार के पास उसे रातों-रात हवाई जहाज से विदेश भेजने के पैसे हैं, और न ही अब समय बचा है, तो वह परीक्षा कैसे देगा? उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि वह मासूम बच्चा रातभर रोता रहा और मानसिक अवसाद के कारण परीक्षा में शामिल होने से ही मना कर रहा है, जो देश की शिक्षा व्यवस्था के लिए एक अत्यंत शर्मनाक स्थिति है।

नेता प्रतिपक्ष ने खड़े किए परीक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल

एनटीए की कार्यप्रणाली को आड़े हाथों लेते हुए राहुल गांधी ने देश के करोड़ों छात्रों और अभिभावकों के साथ हो रहे इस खिलवाड़ पर तीखे सवाल दागे। उन्होंने पूछा कि आखिर इतनी बड़ी तकनीकी चूक और प्रशासनिक लापरवाही मुमकिन कैसे हुई? उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कल परीक्षा के दिन देश के किसी भी कोने से किसी छात्र को केंद्र तक न पहुंच पाने की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। कांग्रेस नेता ने कड़े शब्दों में कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी असल में देश के बच्चों और उनके माता-पिता के सब्र का इम्तिहान ले रही है। जो लचर सिस्टम एक बच्चे को उसके अपने ही गृह जनपद या शहर में एक सुरक्षित परीक्षा केंद्र नहीं दे सकता, और उल्टा उसे बिना मांगे विदेश भेज देता है, उसे देश की इतनी बड़ी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाएं आयोजित करने का कोई विधिक और नैतिक अधिकार नहीं है।

कोटा दौरे का जिक्र कर शिक्षा व्यवस्था को घेरा

अपने तीखे हमले को जारी रखते हुए राहुल गांधी ने राजस्थान के कोचिंग हब कोटा में छात्रों के साथ हुए अपने पिछले संवाद का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मैंने कोटा में भी यही बात पुरजोर तरीके से उठाई थी कि आज का वर्तमान ढांचा अब कोई पवित्र शिक्षा व्यवस्था नहीं रह गया है।

यह व्यवस्था एक पूरी युवा पीढ़ी के पैसे, उनके कीमती समय और उनकी मानसिक शांति की क्रूर वसूली का एक संगठित जरिया बन चुकी है। उन्होंने सरकार और जांच एजेंसियों को ललकारते हुए कहा कि हमारे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के साथ यह खतरनाक जुआ खेलना तुरंत बंद होना चाहिए। देश के नौनिहाल एक संवेदनशील, जिम्मेदार और पूरी तरह जवाबदेह शिक्षा प्रणाली और पारदर्शी परीक्षा के हकदार हैं, और हम विपक्ष में रहकर उन्हें उनका यह संवैधानिक अधिकार हर हाल में दिलवा कर रहेंगे।

चौतरफा घिरी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने दी सफाई

इस पूरे मामले पर देशव्यापी आक्रोश और विपक्ष के तीखे हमलों के बाद आखिरकार बैकफुट पर आई नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को अपनी चुप्पी तोड़नी पड़ी है। बढ़ते दबाव के बीच एनटीए के आला अधिकारियों ने आधिकारिक बयान जारी कर इस गंभीर गड़बड़ी पर अपनी सफाई पेश की है। एजेंसी ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि छात्र अब्दुल्ला और उनके अभिभावकों द्वारा दर्ज कराई गई आपातकालीन शिकायत पर तुरंत संज्ञान लिया जा रहा है। एनटीए प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आंतरिक तकनीकी जांच-पड़ताल और डेटा वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जा रहा है, और अगले कुछ ही घंटों के भीतर संबंधित कैंडिडेट का परीक्षा केंद्र संशोधित कर उसे नागपुर में ही एक नया स्थानीय परीक्षा केंद्र आवंटित कर दिया जाएगा ताकि उसका साल बर्बाद न हो।