Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार की शुरुआत निवेशकों के लिए भारी गिरावट के साथ हुई। कारोबार शुरू होते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज बिकवाली देखने को मिली। बीएसई का सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 700 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि एनएसई का निफ्टी भी 200 अंक से अधिक फिसल गया। बाजार में इस गिरावट के बीच निवेशकों की नजर NSE IPO की लिस्टिंग पर टिक गई है, जिसकी बाजार में एंट्री इसी दिन होनी है।
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खुलते ही धड़ाम हुआ सेंसेक्स

गुरुवार को सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 74,828 के मुकाबले कमजोरी के साथ 74,272 पर खुला। बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों में बिकवाली तेज हो गई और सेंसेक्स 700 अंकों से ज्यादा गिरकर 74,120 के स्तर तक पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में ही इतनी बड़ी गिरावट ने बाजार के माहौल को कमजोर कर दिया। निवेशकों के बीच बिकवाली का दबाव साफ दिखाई दिया और कई बड़े शेयर लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
निफ्टी में भी 200 अंकों से ज्यादा की गिरावट

एनएसई का प्रमुख इंडेक्स निफ्टी भी गिरावट से अछूता नहीं रहा। निफ्टी अपने पिछले बंद 23,446 के मुकाबले 23,221 पर खुला। इसके बाद इसमें और कमजोरी आई और शुरुआती कारोबार में यह 200 अंकों से अधिक टूटकर 23,205 के स्तर तक पहुंच गया। सेंसेक्स और निफ्टी में एक साथ आई इस गिरावट ने बाजार में निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।
बड़े शेयरों में भी बिकवाली
बाजार में गिरावट का असर कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों पर दिखाई दिया। रिलायंस, एचडीएफसी बैंक और अन्य बड़े शेयरों में कमजोरी देखने को मिली। लार्जकैप शेयरों में बजाज फाइनेंस करीब 5 फीसदी, एक्सिस बैंक 3.70 फीसदी, बजाज फिनसर्व 3.50 फीसदी और कोटक बैंक करीब 2 फीसदी नीचे कारोबार कर रहे थे। मिडकैप शेयरों में पॉलिसीबाजार करीब 10 फीसदी, एमएफएसएल 9.10 फीसदी, एयू बैंक 5 फीसदी, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक 3.30 फीसदी और यस बैंक 2.60 फीसदी तक फिसल गए।
NSE IPO की लिस्टिंग पर सबकी नजर
शेयर बाजार में भारी गिरावट के बीच NSE के आईपीओ की लिस्टिंग निवेशकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। करीब 22,561.57 करोड़ रुपये के आकार वाला NSE IPO 17 से 21 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था और इसे निवेशकों से अच्छा रिस्पांस मिला था। हालांकि, ग्रे मार्केट में आईपीओ को लेकर उत्साह कमजोर दिखाई दे रहा है। लिस्टिंग से पहले NSE IPO का GMP करीब 2 फीसदी के आसपास बताया जा रहा था। ऐसे में बाजार में जारी कमजोरी के बीच इसकी लिस्टिंग कैसी रहती है, इस पर निवेशकों की नजर रहेगी।
बाजार गिरने के पीछे क्या हैं वजहें?

भारतीय बाजार में गिरावट के पीछे वैश्विक बाजारों की कमजोरी को भी एक अहम कारण माना जा रहा है। अमेरिका और एशियाई बाजारों में दबाव का असर घरेलू बाजार के सेंटीमेंट पर पड़ा है।पिछले कारोबारी सत्र में डाउ जोंस करीब 250 अंक गिरा था। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के दो दशक के उच्च स्तर के करीब पहुंचने से भी निवेशकों की चिंता बढ़ी। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी बनी हुई है और तेल 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है। इन वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू शेयर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान तेज बिकवाली देखने को मिली और अब निवेशकों की नजर बाजार की आगे की चाल के साथ NSE IPO की लिस्टिंग पर बनी हुई है।
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