Railway Family Pension: रेलवे में किसे मिलेगी 100% फैमिली पेंशन, नए नियमों में क्या हैं जरूरी शर्तें जानिए

रेलवे ने 2026 में असाधारण पेंशन से जुड़े नए नियम अधिसूचित किए हैं। इनमें सेवा से जुड़ी मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में परिवार को मिलने वाली पेंशन के प्रावधान स्पष्ट किए गए हैं। कुछ श्रेणियों में 100% फैमिली पेंशन का प्रावधान है, लेकिन पात्रता और परिस्थितियां निर्धारित हैं।

Railway Family Pension

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 23, 2026

Railway Family Pension : रेलवे कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिवारों से जुड़ी पेंशन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। रेलवे बोर्ड ने Rail Service Extraordinary Pension Rules, 2026 को अधिसूचित किया है। नए नियमों ने 1993 में लागू पुराने Extraordinary Pension Rules की जगह ली है। नए प्रावधान मुख्य रूप से उन मामलों पर लागू होंगे, जिनमें कर्मचारी की मृत्यु या दिव्यांगता का संबंध रेलवे सेवा से माना जाता है।

मृत्यु और दिव्यांगता के मामले चार श्रेणियों में बांटे

नए पेंशन नियमों में मृत्यु और दिव्यांगता से जुड़े मामलों को चार अलग-अलग कैटेगरी में विभाजित किया गया है। इन्हें Category A, B, C और D नाम दिया गया है। प्रत्येक श्रेणी के लिए पेंशन और फैमिली पेंशन के अलग प्रावधान तय किए गए हैं। इससे कर्मचारी की मृत्यु या दिव्यांगता की परिस्थितियों के आधार पर लाभ निर्धारित करने की व्यवस्था स्पष्ट होती है।

Category A में सामान्य पेंशन नियम लागू होंगे

Category A में ऐसे मामले शामिल किए गए हैं, जिनमें कर्मचारी की मृत्यु या दिव्यांगता का रेलवे सेवा से सीधा संबंध नहीं है। ऐसे मामलों में Extraordinary Pension का प्रावधान लागू नहीं होगा और सामान्य पेंशन नियमों के अनुसार लाभ निर्धारित किए जाएंगे। यानी कर्मचारी की सेवा से असंबंधित परिस्थितियों में सामान्य पेंशन व्यवस्था के तहत ही परिवार या कर्मचारी को मिलने वाले लाभ तय होंगे।

Category B में सेवा से जुड़ी घटनाएं शामिल

Category B के तहत ऐसी मृत्यु या दिव्यांगता के मामलों को रखा गया है, जो रेलवे सेवा के कारण या सेवा के दौरान उत्पन्न परिस्थितियों से जुड़े हों। इस श्रेणी में पात्र परिवार को कर्मचारी के वेतन का 60 प्रतिशत तक फैमिली पेंशन मिलने का प्रावधान बताया गया है। सेवा से जुड़ी मृत्यु या दिव्यांगता की स्थिति में यह प्रावधान परिवार के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता प्रदान कर सकता है।

Category C और D में अधिक पेंशन का प्रावधान

Category C में दंगे, हिंसा, खराब मौसम, बचाव अभियान जैसी असाधारण परिस्थितियों से जुड़े मामले शामिल हैं। वहीं Category D में आतंकवादी हमले, युद्ध जैसी परिस्थितियां या दुश्मन की कार्रवाई जैसे गंभीर मामले रखे गए हैं। इन दोनों श्रेणियों में पात्र परिवार को कर्मचारी के वेतन के 100 प्रतिशत तक फैमिली पेंशन मिलने का प्रावधान है।

परिवार के कई सदस्यों को मिल सकती है पेंशन

नए नियमों के अनुसार पात्र परिवार में परिस्थितियों के आधार पर विधवा या विधुर, आश्रित बच्चे, माता-पिता और कुछ मामलों में आश्रित भाई-बहन भी शामिल हो सकते हैं। फैमिली पेंशन की न्यूनतम राशि 18,000 रुपये प्रति माह निर्धारित की गई है। हालांकि वास्तविक लाभ संबंधित कर्मचारी की श्रेणी, परिस्थितियों और पात्रता नियमों के आधार पर तय किया जाएगा।

दिव्यांगता पर Service और Disability Element

रेलवे सेवा से जुड़ी दिव्यांगता के मामलों में पेंशन की गणना के लिए Service Element और Disability Element का प्रावधान किया गया है। 100 प्रतिशत दिव्यांगता की स्थिति में Category B और C के लिए Disability Element संबंधित वेतन या औसत वेतन का 30 प्रतिशत हो सकता है। वहीं Service Element को 50 प्रतिशत के बराबर निर्धारित किया गया है।

दिव्यांगता प्रतिशत के आधार पर Broad-banding

दिव्यांगता पेंशन में दिव्यांगता की प्रतिशतता भी महत्वपूर्ण होगी। नए प्रावधानों के तहत निर्धारित परिस्थितियों में Broad-banding के माध्यम से Disability Element तय किया जा सकता है। इसका उद्देश्य दिव्यांगता की अलग-अलग गंभीरता के आधार पर पेंशन लाभ निर्धारित करने की प्रक्रिया को व्यवस्थित करना है। संबंधित कर्मचारी की स्थिति और लागू नियमों के आधार पर अंतिम गणना की जाएगी।

NPS कर्मचारियों के लिए भी विशेष प्रावधान

नए नियमों में National Pension System यानी NPS से जुड़े रेलवे कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। पात्र कर्मचारियों को 2025 के NPS नियमों के तहत उनके द्वारा चुने गए विकल्प के आधार पर संबंधित लाभ मिल सकते हैं। इससे नई पेंशन व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों के लिए भी सेवा से संबंधित मृत्यु या दिव्यांगता के मामलों में प्रावधान उपलब्ध होंगे।

पेंशन भुगतान में देरी पर ब्याज का प्रावधान

नए नियमों में पेंशन मामलों के निपटारे में होने वाली देरी को लेकर भी प्रावधान किया गया है। यदि प्रशासनिक देरी या लापरवाही के कारण पात्र लाभार्थी को भुगतान समय पर नहीं मिलता है, तो बकाया राशि पर ब्याज दिए जाने का प्रावधान है। इससे पेंशन प्रक्रिया में देरी से प्रभावित कर्मचारियों और परिवारों को आर्थिक राहत मिलने की संभावना है।

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