Rashtrapati Bhawan: गणतंत्र दिवस की परेड में बैठने की व्यवस्था को लेकर हुए विवाद के बाद, अब राष्ट्रपति भवन में आयोजित पारंपरिक ‘ऐट होम’ (At Home) स्वागत समारोह एक नए राजनीतिक घमासान का केंद्र बन गया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा असमिया पारंपरिक पटका न पहनने को लेकर भाजपा ने उन पर तीखा हमला बोला है, जबकि कांग्रेस ने इसे ध्यान भटकाने वाली राजनीति करार दिया है।
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पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रपति का विशेष अनुरोध
बताते चले कि, राष्ट्रपति भवन में आयोजित इस वर्ष का स्वागत समारोह विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत की कला, संस्कृति और व्यंजनों पर केंद्रित था। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मेहमानों का स्वागत असम के प्रसिद्ध ‘एरी रेशम’ (Ahom Silk) से बने पटके से किया, जिसे ‘अहिंसा रेशम’ भी कहा जाता है। जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति ने व्यक्तिगत रूप से सभी गणमान्य अतिथियों से इस पारंपरिक वस्त्र को धारण करने का आग्रह किया था ताकि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और बुनकरों को सम्मान मिल सके।
राहुल गांधी की कथित ‘अवज्ञा’ पर भाजपा का प्रहार
आपको बता दे कि, भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने दावा किया कि समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय संघ के नेताओं और अन्य विदेशी राजनयिकों ने सम्मान स्वरूप यह पटका पहना, लेकिन राहुल गांधी ने ऐसा नहीं किया। मालवीय के अनुसार, राष्ट्रपति ने राहुल को दो बार टोकते हुए पटका पहनने को कहा, जिसे उन्होंने अनसुना कर दिया। भाजपा ने इसे संवैधानिक गरिमा और नॉर्थ-ईस्ट की भावनाओं का अपमान बताया है।
असम के मुख्यमंत्री की नाराजगी और माफी की मांग
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मुद्दे पर राहुल गांधी को घेरते हुए कहा कि यह कांग्रेस की पूर्वोत्तर के प्रति पुरानी असंवेदनशीलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि असमिया पटका महज एक कपड़ा नहीं बल्कि हमारी पहचान है, और इसे ठुकराकर राहुल ने राज्य की जनता का अपमान किया है। सरमा ने राहुल गांधी से इस कृत्य के लिए बिना शर्त माफी की मांग की है।
कांग्रेस का पलटवार: राजनाथ सिंह की तस्वीर से दिया जवाब
इन आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भाजपा को ही कटघरे में खड़ा किया। खेड़ा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की एक फोटो साझा की, जिसमें वह भी कथित तौर पर पटका पहने नजर नहीं आ रहे थे। कांग्रेस ने सवाल किया कि क्या भाजपा अब राजनाथ सिंह से भी माफी मांगेगी? कांग्रेस का तर्क है कि भाजपा चुनाव से पहले असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे ‘बेकार’ विवाद पैदा कर रही है।
आगामी विधानसभा चुनाव और राजनीतिक निहितार्थ
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असम में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए यह विवाद तूल पकड़ रहा है। भाजपा इस मुद्दे के जरिए राहुल गांधी को ‘पूर्वोत्तर विरोधी’ साबित करने की कोशिश कर रही है, वहीं कांग्रेस इसे भाजपा की हताशा बता रही है। फिलहाल, वस्त्र परंपरा से शुरू हुआ यह विवाद अब राष्ट्रपति के सम्मान और क्षेत्रीय अस्मिता की लड़ाई में बदल गया है।
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