Rahul Gandhi on MGNREGA: मनरेगा पर राहुल गांधी का तीखा हमला, पूछा- गरीबों का हक छीनकर किसे फायदा पहुँचा रही मोदी सरकार?

राहुल गांधी की चेतावनी: क्या मनरेगा को खत्म कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचा रही सरकार? कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मनरेगा के फंड में कटौती और इसके संभावित निरस्तीकरण को लेकर केंद्र सरकार पर बड़ा हमला बोला है। राहुल ने सवाल किया कि आखिर करोड़ों मजदूरों के पेट पर लात मारकर सरकार किन उद्योगपतियों को लाभ पहुँचाना चाहती है? जानें राहुल गांधी के 5 तीखे सवाल।

Rahul Gandhi on MGNREGA

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 22, 2026

Rahul Gandhi on MGNREGA:  कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्र की मोदी सरकार पर मनरेगा को निरस्त करने की मंशा को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि सरकार के उद्देश्य वही हैं, जो तीन विवादित कृषि कानूनों को लागू करते समय थे। राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा को कमजोर या समाप्त करने की कोशिश गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे वीबीजी रामजी बिल के बारे में पूरी जानकारी नहीं रखते, लेकिन सरकार के इरादों को लेकर गंभीर आशंकाएं जरूर हैं।

गरीबों से एकजुट होकर विरोध करने की अपील

राहुल गांधी ने देश के गरीब और श्रमिक वर्ग से अपील की कि वे इस नए प्रस्तावित कानून के खिलाफ एकजुट हों। उनका कहना था कि जैसे किसानों ने एकजुट होकर कृषि कानूनों को वापस करवाया, वैसे ही मनरेगा के मामले में भी जनता की एकता ही सबसे बड़ी ताकत बनेगी। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की आवाज दबाना चाहती है, लेकिन लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का ही होना चाहिए।

खड़गे का आरोप: गांधी के नाम को मिटाने की कोशिश

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मनरेगा के निरस्तीकरण को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह कदम केवल एक योजना को खत्म करने का नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के नाम और उनके विचारों को जनता की स्मृति से मिटाने की कोशिश है। खड़गे ने ऐलान किया कि कांग्रेस आगामी बजट सत्र में इस मुद्दे को पूरी मजबूती के साथ संसद में उठाएगी और सरकार को जवाबदेह बनाएगी।

मनरेगा: गरीबों के अधिकार का प्रतीक

राष्ट्रीय मनरेगा श्रमिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा एक साधारण योजना नहीं, बल्कि गरीबों को अधिकार देने का माध्यम थी। इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को काम का कानूनी अधिकार देना था, जिसे पंचायती राज व्यवस्था के माध्यम से लागू किया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि “अधिकार” शब्द मनरेगा की आत्मा है, जिसे भाजपा खत्म करना चाहती है।

केंद्रीकरण से बढ़ेगा असमानता का खतरा

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि नए कानून के तहत काम और धन का फैसला केंद्र सरकार करेगी, जिससे भाजपा शासित राज्यों को प्राथमिकता मिलेगी। पहले मजदूरों तक पहुंचने वाला लाभ अब ठेकेदारों और अफसरों के हाथों में चला जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि संपत्ति कुछ गिने-चुने लोगों के पास रहे और गरीब बड़े उद्योगपतियों पर निर्भर हों।

मनरेगा बचाओ संग्राम और विपक्ष की मांग

कांग्रेस ने 10 जनवरी को “मनरेगा बचाओ संग्राम” नाम से 45 दिनों का राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया। विपक्षी दलों की मांग है कि ‘विकसित भारत – रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी अधिनियम’ को वापस लिया जाए और मनरेगा को उसके मूल अधिकार-आधारित स्वरूप में बहाल किया जाए, जिसमें काम करने का अधिकार और पंचायतों की भूमिका सुरक्षित रहे।