CBSE Controversy : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की मूल्यांकन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाले कक्षा 12वीं के होनहार छात्र वेदांत श्रीवास्तव से आज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने विशेष मुलाकात की है। हाल ही में वेदांत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक बेहद चौंकाने वाली पोस्ट साझा की थी, जिसने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया। इस पोस्ट में वेदांत ने खुलासा किया था कि सीबीएसई की डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली यानी ऑनलाइन स्क्रीन मार्किंग (OSM) व्यवस्था की एक बड़ी तकनीकी गड़बड़ी और लापरवाही के कारण उन्हें खुद की बजाय किसी अन्य परीक्षार्थी की आंसर शीट (उत्तर पुस्तिका) थमा दी गई थी।
कंप्यूटर आधारित कॉपी चेकिंग की इस गंभीर चूक को उजागर करने वाली वेदांत की यह पोस्ट इंटरनेट पर देखते ही देखते वायरल हो गई और शिक्षा जगत से लेकर राजनीतिक गलियारों तक में एक बड़ा मुद्दा बन गई, जिसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने स्वयं इस छात्र से मिलने का फैसला किया।
जायज हक की आवाज उठाने पर छात्र को इंटरनेट पर किया गया ट्रोल
इस आत्मीय मुलाकात और बातचीत के दौरान राहुल गांधी और छात्र वेदांत के बीच इस संवेदनशील विषय पर विस्तार से चर्चा हुई कि जब देश का कोई भी आम नागरिक या युवा अपनी किसी जायज समस्या या प्रशासनिक खामी के खिलाफ आवाज उठाता है, तो किस तरह सोशल मीडिया पर एक वर्ग विशेष द्वारा उसे बेरहमी से ट्रोल किया जाने लगता है। वेदांत ने अपना दर्द साझा करते हुए नेता प्रतिपक्ष को बताया कि सीबीएसई की इस बड़ी गलती के खिलाफ इंटरनेट पर अपनी आवाज बुलंद करने के बाद उन्हें कई तरह के मानसिक उत्पीड़न, भद्दे कमेंट्स और अपमानजनक शब्दों का सामना करना पड़ा।
सिस्टम की खामी उजागर करने के कारण कुछ लोगों ने उन्हें सोशल मीडिया पर ‘देशद्रोही’, वर्तमान सरकार के खिलाफ साजिश रचने वाला खुफिया एजेंट और यहां तक कि ‘पाकिस्तानी’ तक करार दे दिया। वेदांत ने कहा कि बिना किसी गलती के इस तरह के बेबुनियाद और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले आरोपों का सामना करने पर उन्हें और उनके परिवार को कितना गहरा दुख पहुंचा है।
राहुल गांधी ने छात्र को ट्रोल करने वालों और ‘डीप स्टेट’ के आरोपों का उड़ाया मजाक
इंटरनेट ट्रोलिंग के इसी विषय पर बातचीत को आगे बढ़ाते हुए राहुल गांधी ने छात्र से हंसते हुए एक सीधा सवाल पूछा, “क्या सोशल मीडिया पर तुम्हें भी ‘आतंकवादी’ घोषित कर दिया गया था? मुझे इसके बारे में खुलकर बताओ!” इस बातचीत के सामने आए एक 90-सेकंड के दिलचस्प वीडियो क्लिप में राहुल गांधी पीड़ित छात्र वेदांत, उसके भाई और कुछ अन्य विद्यार्थियों से घिरे नजर आ रहे हैं। राहुल गांधी के इस सवाल पर वेदांत के बड़े भाई सिद्धांत श्रीवास्तव ने चेहरे पर मुस्कान लाते हुए जवाब दिया,
“हां, बिल्कुल!” सिद्धांत ने आगे बताया कि जब सीबीएसई की इस तकनीकी चूक पर इंटरनेट पर लोगों का गुस्सा भड़का और हमारा समर्थन बढ़ने लगा, तो “हमारा मुंह पूरी तरह से बंद करने और मुद्दे को दबाने के लिए ट्रोलर्स ने यह नैरेटिव चलाया कि हम कोई मामूली छात्र नहीं बल्कि देश में अशांति और अस्थिरता फैलाने की कोशिश करने वाले खतरनाक ‘डीप स्टेट एजेंट’ हैं।” यह सुनते ही राहुल गांधी अपनी हंसी नहीं रोक पाए और उन्होंने तंज कसते हुए वहां मौजूद कैमरामैन से मजाकिया लहजे में कहा, “देखो, ये हैं महज 17 साल के हमारे देश के ‘डीप स्टेट एजेंट’! कैमरे पर जरा इनके चेहरे दिखाओ… चलो, इन मासूम ‘आतंकवादियों’ के चेहरे पूरे देश को दिखाओ!”
A revealing chat with my fellow “anti-national Soros agents.”
Vedant and his friends are brilliant, brave young Indians who asked CBSE and the Modi government simple questions – but got insults instead of answers.
They deserve a bright and secure future. We will make sure they… pic.twitter.com/5InBxgJv1B
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 31, 2026
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर साधा मोदी सरकार और सीबीएसई पर निशाना
इस मुलाकात के तुरंत बाद राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर इस पूरी बातचीत का वीडियो पोस्ट करते हुए ट्रोलर्स के दावों पर तीखा तंज कसा और सीबीएसई की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने अपने पोस्ट के कैप्शन में मजाकिया और व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा, “मेरे साथी ‘राष्ट्र-विरोधी सोरोस एजेंटों’ के साथ आज एक बेहद दिलचस्प और ज्ञानवर्धक बातचीत हुई।”
उन्होंने आगे वेदांत और उसके साथियों की हिम्मत की सराहना करते हुए लिखा कि वेदांत और उसके दोस्त बहुत ही होनहार, जागरूक और बहादुर युवा भारतीय हैं, जिन्होंने देश के प्रतिष्ठित शिक्षा बोर्ड सीबीएसई और वर्तमान मोदी सरकार से अपनी शिक्षा को लेकर कुछ बहुत ही सीधे-सादे और तार्किक सवाल पूछे थे, लेकिन एक जिम्मेदार जवाब देने के बजाय सिस्टम ने उन्हें केवल अपमान, ट्रोलिंग और मानसिक प्रताड़ना ही दी। राहुल गांधी ने युवाओं को भरोसा दिलाते हुए अंत में लिखा कि भारत के ये युवा एक उज्ज्वल, निष्पक्ष और सुरक्षित भविष्य के हकदार हैं और हम विपक्ष के रूप में यह पूरी तरह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें उनका हक और न्याय हर हाल में मिले।










