Rafale Row: राफेल पर राहुल गांधी का बयान बना मुसीबत, BJP बोली- देश से माफी मांगें

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान राफेल विमानों को मार गिराने का पाकिस्तान का दावा पूरी तरह झूठा साबित हो चुका है। इस खुलासे के बाद भाजपा ने राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार करते हुए उनसे देश से माफी मांगने की मांग की है

Rafale Row

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 24, 2026

Rafale Row: भारतीय वायुसेना के राफेल लड़ाकू विमानों की मारक क्षमता और उनकी सुरक्षा को लेकर हालिया खुलासे ने देश की राजनीति में एक नया उबाल ला दिया है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान द्वारा राफेल विमानों को मार गिराने के दावों को भारतीय वायुसेना के आधिकारिक दस्तावेजों ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। इस खुलासे के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी ने कांग्रेस नेता से इस पुराने बयान के लिए देश की जनता से माफी मांगने की मांग की है।

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‘पाकिस्तानी नैरेटिव’ को आगे बढ़ाने का आरोप

बीजेपी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा ‘पाकिस्तान की लाइन’ को आगे बढ़ाया है। उन्होंने याद दिलाया कि जब ऑपरेशन सिंदूर जारी था, तब राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से सरकार से सवाल पूछा था कि इस कार्रवाई में भारत ने अपने कितने राफेल विमान खोए हैं। बीजेपी का आरोप है कि कांग्रेस का यह रुख न केवल सेना के मनोबल को तोड़ने वाला था, बल्कि दुश्मन देश के प्रोपेगेंडा को मजबूती देने वाला भी था।

बीजेपी प्रवक्ता ने आगे कहा, “यह केवल राफेल का मामला नहीं है। अतीत में भी जब देश पर संकट आया है, तब राहुल गांधी और कांग्रेस ने सेना के पराक्रम पर सवाल उठाए हैं। चाहे वह 26/11 का आतंकी हमला हो या चीन सीमा पर जवानों की वीरता, राहुल गांधी ने हमेशा ऐसी बातें कीं जिनसे भारत विरोधी ताकतों को फायदा मिलता है।”

भारतीय वायुसेना के टेंडर से सच आया सामने

राहुल गांधी के आरोपों की पोल खोलने के लिए बीजेपी ने भारतीय वायुसेना (IAF) द्वारा जारी किए गए हालिया टेंडर को आधार बनाया है। वायुसेना ने राफेल विमानों के रखरखाव और संचालन सहायता के लिए फ्रांसीसी कंपनी ‘डसॉल्ट एविएशन’ के साथ एक टेंडर (RFP) जारी किया है।

इस आधिकारिक दस्तावेज में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि भारतीय वायुसेना वर्तमान में सभी 36 राफेल लड़ाकू विमानों का संचालन कर रही है। दस्तावेज में ‘ब्रिज सपोर्ट’ अनुबंध के लिए उड़ान घंटों की जो गणना की गई है, वह पूरे 36 विमानों के आधार पर है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत का एक भी राफेल विमान ऑपरेशन के दौरान नष्ट हुआ होता, तो रखरखाव की योजना में विमानों की संख्या 36 से कम होती। यह दस्तावेज इस बात का अकाट्य प्रमाण है कि भारत के राफेल बेड़े को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कोई नुकसान नहीं पहुंचा था।

कांग्रेस की ‘संदेह की राजनीति’

राहुल गांधी ने उस समय विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बयानों को आधार बनाकर सरकार से सच छुपाने का आरोप लगाया था। अब जब आधिकारिक दस्तावेजों ने सरकार के दावे की पुष्टि कर दी है, तो बीजेपी इसे कांग्रेस की ‘संदेह की राजनीति’ के रूप में पेश कर रही है। पार्टी का कहना है कि विपक्ष का काम केवल विरोध करना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर जिम्मेदारी दिखाना होता है।

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