QS Ranking 2027: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) दिल्ली ने वैश्विक पटल पर भारत का गौरव बढ़ाया है। हाल ही में जारी ‘क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2027’ में संस्थान ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए वैश्विक स्तर पर 118वीं रैंक हासिल की है। इस शानदार कामयाबी के साथ ही आईआईटी दिल्ली देश का सबसे उच्च रैंकिंग वाला भारतीय संस्थान बन गया है।
123वें स्थान से फिसलकर 118वें पायदान पर पहुंचा संस्थान
बताते चले कि, आईआईटी दिल्ली के प्रदर्शन में साल-दर-साल मजबूती देखी जा रही है। पिछले वर्ष की 123वीं रैंक में सुधार करते हुए संस्थान ने इस बार 118वां स्थान हासिल किया है। यह किसी भी भारतीय संस्थान द्वारा इस प्रतिष्ठित वैश्विक रैंकिंग में प्राप्त की गई अब तक की सर्वोच्च रैंक की बराबरी है।
वैश्विक शैक्षणिक सूचकांक में विकास
संस्थान का यह प्रदर्शन कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि निरंतर प्रयास का परिणाम है। साल 2024 की क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में आईआईटी दिल्ली 197वें स्थान पर था। वहां से सफर शुरू कर मात्र कुछ वर्षों में 118वें स्थान पर पहुंचना भारतीय उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक क्रांतिकारी मील का पत्थर माना जा रहा है।
आधुनिक बुनियादी ढांचे और वैश्विक सहयोग पर जोर
संस्थान के डीन (प्लानिंग एंड रैंकिंग सेल) प्रो. सोमनाथ बैद्य रॉय ने इस सफलता पर कहा कि आईआईटी दिल्ली दुनिया भर के छात्रों को सस्ती और विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने रेखांकित किया कि नया पाठ्यक्रम, अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और बढ़ता अंतरराष्ट्रीय सहयोग आने वाले समय में संस्थान के प्रभाव को और अधिक मजबूत करेगा।
टॉप लिस्ट में भारत की 52 यूनिवर्सिटीज शामिल
इस बार की क्यूएस रैंकिंग में भारत का प्रतिनिधित्व काफी मजबूत रहा है। देश के कुल 52 विश्वविद्यालयों ने इस सूची में अपनी जगह बनाई है। इस उपलब्धि के साथ ही भारत अब दुनिया का पांचवां सबसे अधिक प्रतिनिधित्व वाला उच्च शिक्षा तंत्र (Higher Education System) बनकर उभरा है।
शीर्ष भारतीय विश्वविद्यालयों का प्रदर्शन
देश के अन्य प्रमुख संस्थानों ने भी वैश्विक स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है:
- आईआईटी बॉम्बे: 134वां स्थान
- आईआईटी मद्रास: 170वां स्थान
- आईआईटी खड़गपुर: 205वां स्थान
- आईआईटी कानपुर: 221वां स्थान
- दिल्ली विश्वविद्यालय (DU): 328वीं रैंक से सुधरकर 322वें स्थान पर पहुंचा।
- जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU): 555वीं रैंक हासिल की।
- जामिया मिलिया इस्लामिया: 761-770 बैंड से लंबी छलांग लगाकर 686वें स्थान पर पहुंचा।
एमआईटी और स्टैनफोर्ड का दबदबा बरकरार
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, अमेरिका का एमआईटी (MIT) लगातार दुनिया की नंबर-1 यूनिवर्सिटी बना हुआ है। इसके बाद स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, इंपीरियल कॉलेज लंदन, ऑक्सफोर्ड, हार्वर्ड, कैम्ब्रिज, कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, यूसीएल, ईटीएच ज्यूरिख और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ सिंगापुर (NUS) ने दुनिया के टॉप-10 संस्थानों में अपनी जगह पक्की की है।
18 भारतीय शिक्षण संस्थानों ने छुआ अपनी रैंकिंग का शिखर
इस वर्ष भारत के शिक्षा क्षेत्र के लिए एक और रिकॉर्ड बना। जामिया मिलिया इस्लामिया, जेएनयू, बिट्स पिलानी, वीआईटी, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी और शूलिनी यूनिवर्सिटी सहित देश के 18 विश्वविद्यालयों ने इस साल अपनी अब तक की सबसे सर्वश्रेष्ठ क्यूएस रैंकिंग हासिल कर एक नया इतिहास रचा है।










