Punjab News: पंजाब में डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए अमृतसर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संक्रमण को फैलने से पहले रोकने के उद्देश्य से जिला स्तर पर तैयारियों को तेज कर दिया गया है। राष्ट्रीय डेंगू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिला प्रशासनिक परिसर में जिला टास्क फोर्स की अहम बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त उपायुक्त (ADC) पल्लवी शर्मा ने की।
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डेंगू रोकथाम अभियान तेज
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अलावा नगर निगम, शिक्षा विभाग, लोकल बॉडी विभाग, पंजाब रोडवेज, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग, मेडिकल कॉलेजों, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग, पशुपालन विभाग, मंडी बोर्ड तथा सामाजिक सुरक्षा विभाग के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। सभी विभागों को डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इस दौरान लोगों को जागरूक करने के लिए डेंगू रोकथाम अभियान का विशेष बैनर भी जारी किया गया।
हॉटस्पॉट इलाकों में सफाई अभियान तेज
बैठक की अध्यक्षता करते हुए अतिरिक्त उपायुक्त पल्लवी शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संभावित डेंगू सीजन को ध्यान में रखते हुए सभी विभाग तुरंत जनजागरूकता अभियान शुरू करें। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों को हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित किया गया है, वहां विशेष निगरानी रखी जाए और सफाई अभियान में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने सभी विभागों से समन्वय बनाकर कार्य करने की अपील करते हुए कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाएं तो डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों को फैलने से रोका जा सकता है। उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निरीक्षण और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मच्छरों की रोकथाम ही सबसे प्रभावी उपाय
सिविल सर्जन डॉ. रश्मि विज ने बैठक के दौरान बताया कि डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव का सबसे कारगर तरीका मच्छरों की उत्पत्ति को रोकना है। उन्होंने लोगों से अपील की कि अपने घरों और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें।
उन्होंने कहा कि कूलर, छतों पर रखे बर्तन, गमले, पुराने टायर, पानी की टंकियां और अन्य ऐसे स्थान जहां पानी ठहर सकता है, वहां नियमित सफाई करना बेहद जरूरी है। इन स्थानों पर जमा पानी मच्छरों के प्रजनन का सबसे बड़ा कारण बनता है। यदि लोग छोटी-छोटी सावधानियां अपनाएं तो इन बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सभी विभागों की संयुक्त भागीदारी जरूरी
जिला एपिडेमोलॉजिस्ट डॉ. हरजोत कौर ने कहा कि डेंगू नियंत्रण केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसके लिए सभी सरकारी विभागों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नगर निगम को नियमित सफाई और फॉगिंग करनी होगी, जबकि शिक्षा विभाग स्कूलों में विद्यार्थियों और शिक्षकों को जागरूक करेगा।
इसके अलावा जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग को जल निकासी की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी, ताकि कहीं भी पानी जमा न हो। अन्य विभागों को भी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
जागरूकता और सामूहिक प्रयास से मिलेगी सफलता
प्रशासन का मानना है कि डेंगू और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचाव केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है। इसके लिए आम नागरिकों की जागरूकता और सक्रिय भागीदारी भी बेहद जरूरी है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, पानी जमा न होने दें और बुखार या डेंगू जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। समय पर सावधानी और सभी विभागों के सामूहिक प्रयास से इन मौसमी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।










