Parliament Monsoon Session: संसद के मौजूदा मानसून सत्र के दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं की सुरक्षा और जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन को लेकर पक्ष-विपक्ष में तीखी बहस रोजाना जारी है। विपक्षी दल जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग और पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार को लगातार घेरने की कोशिश कर रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में जबरदस्त हंगामा देखने को मिल रहा है।
मल्लिकार्जुन खरगे का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला
बताते चले कि, इस सियासी उठापटक के बीच कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कड़ा हमला बोला है। मानसून सत्र के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन से गैरमौजूदगी पर सवाल उठाते हुए खरगे ने प्रधानमंत्री से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा मांगने की बात कही है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि सरकार में जरा भी शर्म बची है, तो पीएम मोदी को अमित शाह से इस्तीफा दिलवाना चाहिए।
सरकार पर वादों से मुकरने का आरोप
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार, 31 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक तीखा संदेश साझा किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आड़े हाथों लेते हुए लिखा कि कुछ दिन पहले ही सरकार ने युवाओं को लाठियों और पैलेट गन से कुचलने का प्रयास किया था। खरगे ने आरोप लगाया कि जब छात्रों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया, तो अब सरकार बदले की भावना से उनके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कर रही है और उन्हें जबरन हिरासत में ले रही है।
छात्रों के सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक करने का दावा
कांग्रेस अध्यक्ष ने आगे कड़े शब्दों में आरोप लगाया कि युवाओं ने इस शर्त पर अपना आंदोलन समाप्त किया था कि उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन अब सरकारें अपनी ही कही बात से पूरी तरह मुकर गई हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सरकार के इशारे पर युवाओं के सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक किया जा रहा है और प्रदर्शन में शामिल लड़कियों की निजी जानकारियों को सार्वजनिक यानी ‘डॉक्स’ (Dox) किया जा रहा है।
अमित शाह के अहंकार और संसद से दूरी पर विपक्ष का कड़ा प्रहार
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपने बयान में गृह मंत्री अमित शाह के रवैये पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि सरकार का अहंकार इतना बढ़ चुका है कि गृह मंत्री अमित शाह ने संसद भवन में कदम तक नहीं रखा और वे अपनी जवाबदेही पर सदन में बयान देने से लगातार डरते रहे। खरगे ने चेताया कि अब इस तरह के हथकंडे चेहरा या अपनी छवि बचाने के लिए काम नहीं आएंगे, क्योंकि देश का युवा सरकार की असलियत अच्छी तरह समझ चुका है।
लोकसभा की कार्यवाही बार-बार स्थगित
संसद में इस गर्मागरम राजनीतिक माहौल के बीच शुक्रवार को एक बार फिर कार्यवाही शुरू होते ही गतिरोध का शिकार हो गई। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। इस दौरान स्पीकर ने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोग भेष बदलकर सदन में आते हैं और कार्यवाही को बाधित करने की कोशिश करते हैं। दूसरी ओर, राज्यसभा में भी विपक्षी सांसदों का भारी हंगामा और विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहा।










