Punjab News: पनबस (Punbus) और पी.आर.टी.सी. (PRTC) ठेका कर्मचारी यूनियन की चल रही अनिश्चितकालीन हड़ताल और चक्का जाम के कारण राज्यभर में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस बड़े विरोध प्रदर्शन के चलते हजारों सरकारी बसों का संचालन पूरी तरह से ठप हो गया है। यूनियन का यह चक्का जाम 4 और 5 अगस्त को भी लगातार जारी रहने वाला है, जिसके कारण यात्रियों को आने वाले दिनों में और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
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यात्रियों की भारी फजीहत और सूने बस स्टैंड्स
हड़ताल के पहले दिन ही सरकारी बसों के पहिए थम जाने से विभिन्न डिपो और बस काउंटर्स से चलने वाली बसों के हजारों फेरे रद्द हो गए। स्थिति यह थी कि बस स्टैंड्स के अधिकांश काउंटर सूने और खाली नजर आए, जबकि अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्री लंबे समय तक इधर-उधर भटकते रहे।
सरकारी बसें न मिलने के कारण यात्रियों को मजबूरन निजी बसों का सहारा लेना पड़ा। हालात इतने बदतर थे कि निजी और ई-बसों (E-Buses) में তিল रखने की जगह नहीं बची और यात्रियों को बसों के अंदर भारी भीड़ के बीच खड़े होकर सफर करने के लिए मजबूर होना पड़ा। महिलाओं, बुजुर्गों और दफ्तर जाने वाले दैनिक यात्रियों को अपने सफर के दौरान भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
राजस्व को करोड़ों का भारी नुकसान
कर्मचारियों की इस देशव्यापी या प्रांतीय हड़ताल का सीधा असर परिवहन विभाग की आय पर पड़ा है। बसों का संचालन पूरी तरह ठप रहने के कारण एक ही दिन में परिवहन विभाग को करोड़ों रुपये के राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ा है। यदि यह हड़ताल इसी तरह आगे भी जारी रही, तो सरकारी खजाने को और भी बड़ा वित्तीय घाटा झेलना पड़ सकता है।
यूनियन का कड़ा रुख और मोहाली में रोष मार्च
पनबस व पी.आर.टी.सी. ठेका कर्मचारी यूनियन ने सरकार के खिलाफ अपना रुख बेहद सख्त कर लिया है। यूनियन नेताओं का दो-टूक कहना है कि जब तक उनकी लंबित मांगों और जायज समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन और अधिक आक्रामक रूप लेगा।
इसी कड़ी में हड़ताल के समर्थन में मंगलवार सुबह मोहाली बस अड्डे से एक बड़ा रोष मार्च निकाला गया। यूनियन नेताओं ने डिपो-1 और डिपो-2 के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन करते हुए सरकार की जनविरोधी नीतियों की जमकर आलोचना की।
प्रदर्शन के दौरान डिपो प्रधान सतपाल सिंह सत्ता और चानण सिंह ने मीडिया से बातचीत करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि “सरकार की मनमानी और वादाखिलाफी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” यूनियन ने चेतावनी दी है कि हड़ताल के दूसरे दिन यानी आज अगली रणनीति तैयार की जाएगी, जिसके तहत आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।
यात्रियों के लिए सलाह
यदि आप भी आज या आने वाले दिनों में सरकारी बसों से सफर करने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले अपनी यात्रा के विकल्पों की पूरी जानकारी जरूर जुटा लें। वैकल्पिक परिवहन साधनों (जैसे ट्रेन या निजी वाहन) का उपयोग करना आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है, ताकि आपको रास्ते में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।










