Pune Police Action: खुद को ‘महादेव’ कहने वाले ढोंगी बाबा ऋषिकेश वैद्य गिरफ्तार, पुणे पुलिस ने खोला राज

पुणे के ग्रामीण इलाके में एक शख्स खुद को भगवान शिव का साक्षात अवतार बताकर दरबार लगा रहा था। 'महादेव' बनकर उसने कई लोगों की आस्था से खिलवाड़ किया और धन उगाही की। पुणे पुलिस ने शिकंजा कसते हुए इस पाखंडी बाबा का भंडाफोड़ किया है। आखिर क्या-क्या निकलता है इसके दरबार से?

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मार्च 28, 2026

Pune Police Action:  महाराष्ट्र के वसई और पुणे क्षेत्र से अंधविश्वास और शोषण का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने समाज को झकझोर कर रख दिया है। खुद को भगवान शिव का अंश बताने वाले एक कथित धर्मगुरु, ऋषिकेश वैद्य को पुणे पुलिस ने यौन शोषण के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब एक 35 वर्षीय महिला ने हिम्मत जुटाकर इस ढोंगी बाबा के काले कारनामों का पर्दाफाश किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की है।

फेसबुक से शुरू हुआ पहचान और आध्यात्म का झांसा

मामले की शुरुआत साल 2023 में हुई, जब पीड़िता की मुलाकात फेसबुक के माध्यम से ऋषिकेश वैद्य से हुई थी। आरोपी ने खुद को एक उच्च कोटि का आध्यात्मिक गुरु बताया और महिला को आध्यात्मिकता सिखाने के बहाने अपने प्रभाव में ले लिया। महिला उसकी बातों में आ गई और धीरे-धीरे आरोपी ने उसे मानसिक रूप से अपने नियंत्रण में कर लिया। जांच में सामने आया है कि ऐसे ढोंगी बाबा अक्सर सोशल मीडिया का सहारा लेकर भोले-भले लोगों को अपना शिकार बनाते हैं।

‘शिव-पार्वती’ का स्वांग रचकर नशीले पदार्थ के जरिए किया दुष्कर्म

महिला की शिकायत के अनुसार, साल 2023 में आरोपी ऋषिकेश वैद्य महिला से मिलने पुणे पहुँचा। वहां उसने एक घिनौनी साजिश रची और खुद को भगवान शिव का अवतार घोषित कर दिया। उसने महिला से कहा, “मैं साक्षात शिव हूँ और तुम पार्वती हो।” इस आध्यात्मिक भ्रमजाल में फंसाने के बाद, आरोपी ने महिला को कोई नशीला पदार्थ खिला दिया। जब महिला बेसुध हो गई, तो आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, आरोपी ने इस दौरान महिला की कुछ अश्लील तस्वीरें भी खींच लीं, जिनका उपयोग वह बाद में ब्लैकमेल करने के लिए करने लगा।

ब्लैकमेलिंग और बार-बार उत्पीड़न का सिलसिला

तस्वीरें सार्वजनिक करने की धमकी देकर आरोपी ने महिला का मानसिक और शारीरिक शोषण जारी रखा। मई 2025 में, आरोपी ने एक बार फिर महिला को मिलने के लिए मजबूर किया और उसके साथ दोबारा जबरदस्ती करने का प्रयास किया। महिला लंबे समय तक डर और लोक-लाज के भय से खामोश रही, लेकिन आरोपी की प्रताड़ना बढ़ती ही गई। वह लगातार महिला को अपनी अश्लील तस्वीरों के जरिए डराता रहा और उसे चुप रहने पर मजबूर करता रहा।

अशोक खरात मामले से मिली शिकायत दर्ज कराने की प्रेरणा

इस मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब नासिक के एक अन्य फर्जी बाबा, अशोक खरात का मामला मीडिया में उछला। अशोक खरात पर भी कई महिलाओं के शारीरिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगे थे। जब पीड़िता ने देखा कि कानून ऐसे ढोंगी बाबाओं पर शिकंजा कस रहा है, तो उसमें साहस का संचार हुआ। उसने तय किया कि वह अब और चुप नहीं रहेगी और इस फर्जी ‘महादेव’ को सलाखों के पीछे पहुँचाकर ही दम लेगी। इसके बाद उसने वसई के माणिकपुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

जीरो एफआईआर से गिरफ्तारी तक का कानूनी सफर

चूंकि घटना पुणे में हुई थी और शिकायत वसई में दर्ज कराई गई थी, इसलिए माणिकपुर पुलिस ने पहले ‘जीरो एफआईआर’ दर्ज की। इसके बाद मामले की फाइल पुणे के हडपसर पुलिस स्टेशन को स्थानांतरित कर दी गई। पुणे पुलिस ने बिना देर किए दबिश दी और आरोपी ऋषिकेश वैद्य को धर दबोचा। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस बाबा ने अन्य महिलाओं को भी इसी तरह अपने जाल में फंसाया है।

अंधविश्वास के खिलाफ सतर्कता ही एकमात्र बचाव

यह घटना एक बार फिर हमें चेतावनी देती है कि धर्म और आध्यात्म के नाम पर चल रहे ढोंग से सावधान रहने की जरूरत है। जानकार सलाह देते हैं कि किसी भी व्यक्ति को आँख मूंदकर ‘ईश्वर’ का दर्जा न दें। अंधविश्वास इंसान की तर्कशक्ति को खत्म कर देता है, जिसका फायदा ऐसे अपराधी उठाते हैं। आपकी जागरूकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण ही आपको ऐसे फर्जी बाबाओं का शिकार होने से बचा सकता है। यदि आपके आसपास ऐसा कुछ हो रहा है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

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