Maharashtra News: महाराष्ट्र के पुणे और पिंपरी-चिंचवड इलाके में जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद पूरे प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। अवैध नकली शराब के सेवन के कारण कई लोग अभी भी अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं, जहां उनका इलाज जारी है। इस हृदयविदारक घटना ने स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि इलाके में लंबे समय से नकली शराब का अवैध कारोबार फल-फूल रहा था, जिसे रोकने में स्थानीय पुलिस पूरी तरह विफल रही।
अधिकारियों की बड़ी लापरवाही आई सामने
बताते चले कि, इस गंभीर मामले में संज्ञान लेते हुए पुणे पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार ने हडपसर थाने के तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबित किए गए अधिकारियों में सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर मोगले, असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर सिकलगर और सब-इंस्पेक्टर मुलानी शामिल हैं। प्रशासन का मानना है कि इन अधिकारियों ने अपनी ड्यूटी के दौरान कर्तव्य का पालन नहीं किया, जिसके चलते अवैध शराब का धंधा बेरोकटोक जारी रहा। इस लापरवाही को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है और इसे सीधे तौर पर जनहानि का जिम्मेदार माना है।
डापोडी पुलिस थाना क्षेत्र में भी 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड
पुणे के साथ-साथ पिंपरी-चिंचवड में भी पुलिस प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। पिंपरी-चिंचवड पुलिस कमिश्नर ने डापोडी पुलिस थाने और उसके आउटपोस्ट से जुड़े 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। इनमें सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर विजय वाघमारे, पुलिस सब-इंस्पेक्टर राजू भास्कर समेत कांस्टेबल जयदीप सोनावणे, नवनाथ पोटे, सागर जाधव और विशाल काले के नाम शामिल हैं। ये सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे नकली शराब के अवैध धंधे को रोकने में नाकाम रहे, जो कि उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी थी।
अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ जारी है धरपकड़
इस त्रासदी के बाद हरकत में आई पुलिस ने अब तक 9 संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि इस पूरे मामले में किसी भी स्तर पर बरती गई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच अभी भी अपने शुरुआती दौर में है और पुलिस सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में जांच के दायरे में कई और बड़े अधिकारी आ सकते हैं, जिसके चलते निलंबन और गिरफ्तारियों का सिलसिला अभी और बढ़ सकता है।
पुलिस और प्रशासन के लिए बढ़ी चुनौती
जहरीली शराब का यह नेटवर्क पुणे के हडपसर और पिंपरी-चिंचवड के डापोडी जैसे इलाकों में किस प्रकार सक्रिय था, इसका खुलासा जांच के दौरान हुआ है। इस पूरी घटना ने अवैध शराब माफियाओं और पुलिस के बीच की मिलीभगत की आशंकाओं को जन्म दिया है। अब प्रशासन इस बात की भी जांच कर रहा है कि आखिर इतने समय से यह अवैध कारोबार किनके संरक्षण में चल रहा था। पुलिस अब पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने के लिए युद्ध स्तर पर छापेमारी कर रही है।










