Priyanka Gandhi News: उत्तर प्रदेश की सियासी बिसात पर कांग्रेस एक बार फिर अपनी खोई हुई जमीन तलाशने की जद्दोजहद में जुट गई है। 2024 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन के चलते मिली 6 सीटों की सफलता ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया है। अब कांग्रेस का पूरा ध्यान 2027 के विधानसभा चुनावों पर है, जिसके लिए पार्टी ने एक व्यापक रणनीति तैयार की है। इस नई योजना के केंद्र में एक बार फिर प्रियंका गांधी वाड्रा की सक्रिय भूमिका नजर आ रही है।
यूपी के 25 शहरों में कड़कड़ाती ठंड, जानें कब मिलेगी सर्दी से राहत
प्रियंका गांधी का राजनीतिक सफर
बताते चले कि, कांग्रेस ने 2019 में प्रियंका गांधी को पूर्वी यूपी का प्रभार देकर सक्रिय राजनीति में उतारा था। हालांकि, उस समय पार्टी को अपेक्षित परिणाम नहीं मिले और राहुल गांधी को अमेठी जैसी पारंपरिक सीट भी गंवानी पड़ी। इसके बाद 2022 के विधानसभा चुनाव में ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ जैसे नारों के साथ प्रियंका ने मोर्चा संभाला, लेकिन पार्टी महज दो सीटों पर सिमट गई। इस हार के बाद प्रियंका की सक्रियता राज्य में कम हो गई थी, लेकिन हाल के ‘मनरेगा बचाओ अभियान’ और संसद में उनके प्रभावी भाषणों ने संकेत दिया है कि वह एक बार फिर यूपी की कमान संभालने को तैयार हैं।
12 जनवरी से ‘जनसंपर्क अभियान’ का आगाज
आपको बता दे कि, यूपी कांग्रेस ने प्रियंका गांधी के जन्मदिन (12 जनवरी) के अवसर पर 100 दिवसीय विशेष जनसंपर्क अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। प्रदेश अध्यक्ष अजय राय के नेतृत्व में तैयार इस योजना के तहत पार्टी के दिग्गज नेता और वर्तमान सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के बीच जाएंगे। सहारनपुर से इमरान मसूद और प्रयागराज से उज्ज्वल रमन सिंह जैसे नेता इस अभियान को गति देंगे। पार्टी का उद्देश्य जमीनी स्तर पर मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित करना और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाना है।
बीजेपी सरकार की घेराबंदी का रोडमैप
इस अभियान के तहत कांग्रेस ‘संविधान संवाद महापंचायत’ और ‘परिवर्तन प्रतिज्ञा’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए भाजपा सरकार को घेरने की तैयारी में है। पार्टी का ओबीसी विंग सामाजिक न्याय के मुद्दों को लेकर साल भर चलने वाली यात्रा निकालेगा। इन कार्यक्रमों में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) में कथित गड़बड़ियों, मनरेगा के बजट और लोकतांत्रिक अधिकारों जैसे मुद्दों पर नुक्कड़ सभाएं और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे। कांग्रेस का लक्ष्य स्थानीय समस्याओं को उठाकर सत्ता विरोधी लहर को अपने पक्ष में मोड़ना है।
लखनऊ में भव्य रैली की योजना
इस 100 दिवसीय कार्ययोजना का समापन राजधानी लखनऊ में एक विशाल रैली के साथ होगा। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, इस महाधिवेशन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी दोनों शामिल होंगे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का मानना है कि ‘संगठन सृजन अभियान’ पूरा होने के बाद यह 2027 के चुनाव से पहले पहला बड़ा शक्ति प्रदर्शन होगा। प्रियंका गांधी, जो पूर्व में लखीमपुर खीरी हिंसा जैसे मुद्दों पर योगी सरकार के खिलाफ सबसे आक्रामक चेहरा रही हैं, उनकी वापसी से पार्टी कार्यकर्ताओं में नई जान फूंकने की उम्मीद है।










