Prateek Yadav Death: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव की अस्थियां शनिवार को पवित्र नगरी हरिद्वार लाई गईं। वीआईपी घाट पर पूर्ण वैदिक रीति-रिवाज और विधि-विधान के साथ उनकी अस्थियों को मां गंगा की लहरों में प्रवाहित किया गया। इस अत्यंत भावुक और शोकपूर्ण अस्थि विसर्जन कर्म के दौरान प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव, उनकी दोनों बेटियां और परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त, योगगुरु स्वामी रामदेव, पूर्व सांसद तेज प्रताप यादव और सांसद आदित्य यादव सहित समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने घाट पर पहुंचकर दिवंगत आत्मा को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। यादव परिवार के पारंपरिक तीर्थ पुरोहित पंडित शैलेश मोहन ने पूरे धार्मिक अनुष्ठान को संपन्न कराया, जिस दौरान माहौल बेहद गमगीन रहा।
अस्थि कलश लेकर हरिद्वार पहुंचीं अपर्णा यादव
बताते चले कि, अस्थि विसर्जन की धार्मिक प्रक्रिया को पूरा करने के लिए प्रतीक यादव की पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव 16 मई की दोपहर लखनऊ से हवाई मार्ग द्वारा देहरादून के जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंची। वहां से वे सड़क मार्ग के जरिए सीधे हरिद्वार के वीआईपी घाट के लिए रवाना हुईं। ज्ञात हो कि बीते 13 मई को प्रतीक यादव का 38 वर्ष की अल्पायु में आकस्मिक निधन हो गया था। अचानक स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें तत्काल लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया था, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस असमय और दुखद देहावसान से न केवल यादव परिवार बल्कि उनके शुभचिंतकों को भी गहरा आघात लगा है।
यादव कुनबे पर टूटा दुखों का पहाड़
दिग्गज राजनेता मुलायम सिंह यादव के परलोक गमन के बाद यादव वंश में यह दूसरा सबसे बड़ा शोक है। इस दुखद घड़ी में देश के विभिन्न राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं ने प्रतीक यादव के असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रतीक यादव, सूबे की राजनीति के पुरोधा रहे मुलायम सिंह यादव के अनुज पुत्र थे। उनकी माता साधना गुप्ता थीं, जो मूल रूप से नर्सिंग पेशे से जुड़ी रही थीं। मुलायम सिंह के निधन के बाद इस युवा सदस्य का चले जाना पूरे परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
व्यवसाय में सक्रिय थे साधना गुप्ता के पुत्र प्रतीक यादव
प्रतीक यादव का विवाह उत्तराखंड मूल की अपर्णा बिष्ट (अब अपर्णा यादव) से हुआ था। अपर्णा यादव राजनीतिक रूप से बेहद सक्रिय हैं और वर्तमान में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाल रही हैं। इसके विपरीत, प्रतीक यादव ने स्वयं को सक्रिय राजनीति के दांव-पेचों से हमेशा दूर रखा। वे एक सफल व्यवसायी (बिजनेसमैन) के रूप में अपनी पहचान बना चुके थे। इसके अलावा, उन्हें फिटनेस और बॉडी बिल्डिंग का बेहद शौक था और वे अपनी सेहत को लेकर हमेशा सजग रहते थे।
पुरोहित शैलेश मोहन ने संपन्न कराई अंतिम धार्मिक क्रियाएं
हरिद्वार के पवित्र तट पर पुरोहित पंडित शैलेश मोहन ने जब वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अस्थि कर्म शुरू कराया, तो वहां मौजूद सभी लोगों की आंखें नम हो गईं। अपनी दोनों बेटियों के साथ घाट पर बैठीं अपर्णा यादव इस दौरान अपने आंसू नहीं रोक सकी और काफी भावुक नजर आईं। स्वामी रामदेव ने भी शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने की प्रार्थना की। अस्थियों के गंगा में विलीन होने के साथ ही प्रतीक यादव के पार्थिव जीवन का यह अंतिम अध्याय भी आध्यात्मिक शांति के साथ संपन्न हो गया।










