Prateek Yadav Death Reason: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव का निधन (Prateek Yadav Death News) चिकित्सा जगत और राजनीतिक हलकों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। बुधवार को हुए उनके आकस्मिक देहावसान के बाद अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट के शुरुआती तथ्य सामने आ चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतीक यादव की मृत्यु का मुख्य कारण कार्डिएक अरेस्ट (Cardiac Arrest) और फेफड़ों में संक्रमण रहा। डॉक्टरों के पैनल ने पाया कि उनके शरीर के निचले हिस्से से खून का थक्का (Blood Clot) ऊपर की ओर बढ़ा और फेफड़ों की नसों में जाकर फंस गया, जिससे श्वसन और हृदय की गति अचानक रुक गई।
खून का थक्का और फेफड़ों में संक्रमण
बताते चले कि, चिकित्सकों द्वारा जारी शव परीक्षण रिपोर्ट (Autopsy Report) के अनुसार, प्रतीक यादव के फेफड़ों की नसों में खून का थक्का जमने के कारण शरीर में ऑक्सीजन और रक्त का प्रवाह बाधित हो गया था। इस स्थिति को चिकित्सीय भाषा में ‘पल्मोनरी एम्बोलिज्म’ के रूप में देखा जा रहा है, जिसने अंततः लंग्स इन्फेक्शन और दिल के दौरे को जन्म दिया। डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि इसी थक्के के कारण सांस लेने की प्रक्रिया और हृदय की धड़कन अचानक बंद हो गई। भविष्य में और अधिक स्पष्टता के लिए विशेषज्ञों ने दिल और फेफड़ों से जुड़े कुछ जैविक नमूनों (Biological Samples) को सुरक्षित रख लिया है।
बाहरी चोट के निशान नदारद
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के तीन डॉक्टरों के विशेष पैनल द्वारा की गई जांच में प्रतीक यादव के शरीर पर कोई बाहरी चोट (No External Injuries) या संघर्ष के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि, मौत की पूरी सच्चाई और शरीर में किसी भी प्रकार के विषैले तत्व की उपस्थिति का पता लगाने के लिए विसरा (Viscera) को रासायनिक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। डॉक्टरों ने प्रतीक के बढ़ते वजन और पुरानी मेडिकल हिस्ट्री को देखते हुए हृदय को भी संरक्षित किया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर पुन: परीक्षण (Re-examination) किया जा सके। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है।
सिविल अस्पताल का स्पष्टीकरण
लखनऊ के सिविल अस्पताल प्रशासन ने उन अफवाहों पर विराम लगा दिया है जिनमें ‘संदिग्ध विषाक्तता’ (Suspected Poisoning) की बात कही जा रही थी। अस्पताल के निदेशक जीपी गुप्ता ने जानकारी दी कि जब मेडिकल टीम प्रतीक के आवास पर पहुंची थी, तब उनके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। अस्पताल लाने पर उन्हें मृत घोषित (Brought Dead) कर दिया गया। प्रशासन ने साफ किया कि उनकी ओर से जहर से संबंधित कोई भी बयान जारी नहीं किया गया है। परिवार ने स्वयं पारदर्शिता के लिए पोस्टमार्टम कराने की इच्छा जताई थी, जिसके बाद पंचनामा कर शव को केजीएमयू भेजा गया।
अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अपने भाई के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए उन्हें एक स्वास्थ्य के प्रति सचेत व्यक्ति बताया। अखिलेश ने संकेत दिया कि कई बार बिजनेस में होने वाला नुकसान व्यक्ति को मानसिक रूप से प्रभावित कर सकता है। उन्होंने बताया कि प्रतीक अपना व्यवसाय स्वयं संभालते थे और करीब दो महीने पहले हुई मुलाकात में उन्होंने प्रतीक को काम पर ध्यान देने की सलाह दी थी। सपा प्रमुख ने इसे परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है।
लीवर-लंग्स की पुरानी समस्या
सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव पूर्व में भी लीवर और फेफड़ों की समस्याओं (Liver and Lung Ailments) के कारण अपोलो जैसे अस्पतालों में भर्ती रह चुके थे। हालांकि, वे उपचार के बाद जल्द ही डिस्चार्ज हो जाते थे। लखनऊ पुलिस के डीसीपी सेंट्रल विक्रांत वीर ने बताया कि फिलहाल पुलिस ने कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे लैपटॉप या मोबाइल जब्त नहीं किया है। प्राथमिक रिपोर्ट में किसी साजिश के संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन प्रशासन अब विसरा रिपोर्ट (Viscera Analysis Report) का इंतज़ार कर रहा है, जिसके बाद ही पुलिस अपनी अंतिम कानूनी कार्रवाई शुरू करेगी।










