Prateek Yadav Death: उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे ताकतवर परिवारों में से एक, यादव कुनबे के लिए आज की सुबह एक बेहद दुखद खबर लेकर आई। समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव का लखनऊ में निधन हो गया है। पतीक यादव सपा प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई थे. उन्होंने राजनीति की आपाधापी से दूर अपनी एक अलग दुनिया बसाई थी. उनके जाने से न केवल परिवार में शोक है, बल्कि दोनों भाइयों के बीच के उस ‘अनकहे रिश्ते’ की चर्चा भी तेज हो गई है।
अखिलेश और प्रतीक के बीच कैसा रहा रिश्ता ?
बताते चले कि, अखिलेश यादव और प्रतीक यादव के बीच का संबंध हमेशा से मीडिया और राजनीतिक विश्लेषकों के लिए एक पहेली बना रहा। जहां अखिलेश यादव ने विरासत को आगे बढ़ाते हुए समाजवादी पार्टी की कमान संभाली और सक्रिय राजनीति के शीर्ष पर पहुंचे, वहीं प्रतीक यादव ने सत्ता की गलियों के बजाय बिजनेस और फिटनेस इंडस्ट्री को चुना। इस वैचारिक और पेशावर भिन्नता के बावजूद, दोनों भाइयों ने कभी सार्वजनिक मंच पर एक-दूसरे के विरुद्ध कोई टिप्पणी नहीं की। उनके बीच एक ‘साइलेंट बॉन्ड’ था, जो दूरी और आपसी सम्मान के संतुलन पर टिका हुआ था।
मुश्किल वक्त में हमेशा अखिलेश के साथ खड़े नजर आए प्रतीक
आपको बता दे कि, दोनों भाइयों के बीच के रिश्तों की गहराई तब सबसे ज्यादा स्पष्ट हुई जब मुलायम सिंह यादव का निधन हुआ। पिता के अंतिम संस्कार के समय प्रतीक यादव पूरे समय बड़े भाई अखिलेश के साथ डटे रहे। उस दौरान प्रतीक ने भावुक होते हुए यह भी स्वीकार किया था कि अब अखिलेश यादव ही परिवार के मुखिया हैं और पूरी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जनवरी 2026 में भी एक पारिवारिक समारोह से ऐसी तस्वीर सामने आई थी जहाँ प्रतीक यादव ने अखिलेश के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया था, जिससे स्पष्ट हुआ कि निजी जीवन में दोनों के बीच कड़वाहट के लिए कोई जगह नहीं थी।
अपर्णा यादव का भाजपा में जाना और बढ़ती दूरियां
भाइयों के निजी रिश्तों में भले ही सम्मान रहा हो, लेकिन राजनीतिक दूरियां तब साफ नजर आने लगीं जब प्रतीक की पत्नी अपर्णा यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया। अखिलेश यादव जहां उत्तर प्रदेश में भाजपा के सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी हैं, वहीं उनके ही घर की बहू का विपक्षी खेमे में होना एक बड़े ‘वैचारिक विभाजन’ के रूप में देखा गया। हालांकि, इस दौरान भी प्रतीक यादव ने खुद को तटस्थ रखा और राजनीति से अपनी दूरी बनाए रखी, जिससे परिवार के भीतर का संतुलन बिगड़ने नहीं पाया।
निजी जीवन और सुर्खियों में रहे विवाद
हाल के कुछ महीने प्रतीक यादव की निजी जिंदगी के लिए काफी उतार-चढ़ाव भरे रहे। जनवरी 2026 में उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से पत्नी अपर्णा यादव से अलग होने और तलाक लेने की घोषणा की थी, जिसने सबको चौंका दिया था। उन्होंने कुछ गंभीर आरोप भी लगाए थे, लेकिन यह विवाद ज्यादा समय तक नहीं चला। जल्द ही दोनों के बीच सुलह की खबरें आईं और उन्हें परिवार व बच्चों के साथ सार्वजनिक रूप से देखा गया, जिससे यह साफ हुआ कि वे अपने पारिवारिक जीवन को बचाने के लिए प्रयासरत थे।
प्रतीक यादव का व्यक्तित्व
मुलायम सिंह यादव और साधना गुप्ता के बेटे प्रतीक यादव की अपनी एक स्वतंत्र पहचान थी। उन्होंने लखनऊ में ‘द फिटनेस प्लेनेट’ नाम से एक आलीशान जिम की शुरुआत की और फिटनेस वर्ल्ड में नाम कमाया। इसके अलावा वे रियल एस्टेट सेक्टर में भी सक्रिय रहे। प्रतीक के व्यक्तित्व का एक मानवीय पहलू उनका पशु प्रेम था। वे ‘जीव आश्रय’ नामक संगठन के माध्यम से पशु कल्याण के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते थे। उनके परिवार में पत्नी अपर्णा यादव और एक छोटी बेटी प्रथमा हैं। प्रतीक यादव का असमय जाना यादव परिवार के उस अध्याय का अंत है, जिसने राजनीति में न रहकर भी अपनी एक खास जगह बनाई थी।










