Prashant Kishor: बिहार की राजनीति में इन दिनों बयानों और आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर चरम पर है। दिल्ली के एक होटल में कथित रूप से घटी घटना को लेकर मचे सियासी घमासान के बीच, जन सुराज के संस्थापक और रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) ने खुलकर अपनी बात रखी है। हालांकि उन्होंने अपने इस बयान में सीधे तौर पर मंत्री संजय सिंह या राजद नेता तेज प्रताप यादव का नाम लेने से परहेज किया, लेकिन इशारों-इशारों में उन्होंने दिल्ली के चर्चित ‘चप्पल कांड’ का पूरा जिक्र करते हुए सरकार पर जमकर निशाना साधा। पीके ने इस पूरे मामले की आंच सीधे राज्य के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाई है।
Bihar News: पटना में 4 मौतों से हड़कंप, तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा,
सरकार के मुखिया पर सीधा हमला
बुधवार (02 सितंबर, 2026) को मीडिया से मुखातिब होते हुए प्रशांत किशोर ने बेबाक अंदाज में कहा कि आज जिस तरह की खबरें सामने आ रही हैं, वे बेहद शर्मनाक हैं। उन्होंने कहा, “सुनने में आ रहा है कि एक मंत्री पर आरोप लगा है कि दिल्ली में एक लड़की से छेड़खानी करने पर उन्हें जूता-चप्पल से मारा गया है।” इसके बाद हमलावर तेवर अपनाते हुए पीके ने कहा कि जब सरकार के मुखिया का चरित्र ही दागदार और आपराधिक पृष्ठभूमि वाला हो, तो ऐसी घटनाएं स्वाभाविक रूप से मंत्रियों, विधायकों, व्यवस्था से जुड़े लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों के स्तर पर सुनने को मिलती ही रहेंगी। उनका यह सीधा इशारा राज्य की मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था और उसके नेतृत्व की साख पर बड़े सवाल खड़े करता है।
डस्टबिन घोटाले पर मंगल पांडेय और तेजस्वी यादव दोनों को घेरा
होटल विवाद के अलावा प्रशांत किशोर ने बिहार के एक अन्य चर्चित मामले—डस्टबिन घोटाले पर भी आक्रामक रुख अख्तियार किया। इस घोटाले को लेकर उन्होंने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय के साथ-साथ राजद नेता तेजस्वी यादव को भी कटघरे में खड़ा किया। पीके ने खुलासा किया कि डस्टबिन की खरीद का यह पूरा सिलसिला तेजस्वी यादव के स्वास्थ्य मंत्री रहते ही शुरू हुआ था। उन्होंने मांग की कि इस मामले में मंगल पांडेय के साथ-साथ तेजस्वी यादव की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
प्रशांत किशोर ने आगे तर्क दिया कि इस पूरे खेल में एक ही अधिकारी मुख्य भूमिका में था, जो दोनों ही स्वास्थ्य मंत्रियों के कार्यकाल के दौरान अपने पद पर बना रहा। उन्हीं खास अधिकारियों की देखरेख में पूरा घोटाला अंजाम दिया गया। यही कारण है कि राजद के नेता भी इस मुद्दे पर अपनी जुबान नहीं खोल रहे हैं, क्योंकि दोनों तरफ दाल में कुछ काला है।
नीट परीक्षा और मधुबनी हाजत मौत पर सरकार पर लीपापोती का आरोप
पत्रकारों द्वारा जब यह सवाल पूछा गया कि भरत तिवारी मामले और नीट (NEET) पेपर लीक प्रकरण में सरकार लगातार लीपापोती करने की कोशिश कर रही है, तो प्रशांत किशोर ने इन आरोपों की पुष्टि करते हुए सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार हर गंभीर मामले में पर्दा डालने और लीपापोती करने में माहिर हो चुकी है।
पीके ने हाल ही में मधुबनी में रौशन यादव के साथ पुलिस हाजत में हुई अमानवीय मारपीट और बाद में हुई उसकी संदिग्थ मौत का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे बेहद गंभीर और दर्दनाक मामला करार देते हुए कहा कि इस घटना ने एक बार फिर कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। उन्होंने अंत में स्पष्ट किया कि जनता से जुड़े इन तमाम मुद्दों पर जितना संभव हो सकता है, उनकी पार्टी और वे खुद लगातार आवाज उठाते रहेंगे और सरकार को चैन से बैठने नहीं देंगे।
Bihar Flood: भागलपुर में टूटा तटबंध, नेपाल आपदा का यूपी-बंगाल तक असर; बढ़ी










