Bihar Flood: भागलपुर में टूटा तटबंध, नेपाल आपदा का यूपी-बंगाल तक असर; बढ़ी बाढ़ की चिंता

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ का असर अब बिहार में साफ दिखाई देने लगा है। भागलपुर में तटबंध टूटने से कई गांवों में पानी घुस गया है। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन अलर्ट है। यूपी और बिहार के निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

Bihar Flood

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 27, 2026

Bihar Flood:  पटना समेत बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। भागलपुर के नवगछिया में गंगा नदी का तटबंध टूटने के बाद आसपास के क्षेत्रों में पानी फैल गया है और बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई, राहत शिविर और अस्थायी चिकित्सा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं।

नवगछिया में गंगा का तटबंध टूटने से बढ़ी मुश्किल

गंगा नदी का तटबंध टूटने के बाद नवगछिया के कई इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। राहत शिविरों में लोगों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मेडिकल कैंप लगाकर लोगों की जांच कर रही हैं और जरूरत के अनुसार दवाएं उपलब्ध करा रही हैं।

बगहा में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने बढ़ाई चिंता

नेपाल में आई भारी प्राकृतिक आपदा के बाद बिहार के बगहा और गंडक नदी के निचले इलाकों में भी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों को नदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका सता रही है। कई लोगों ने संभावित खतरे को देखते हुए रातभर जागकर स्थिति पर नजर रखी। प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाते हुए लोगों से सतर्क रहने और खतरा बढ़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

पटना के आसपास घरों में घुसा बाढ़ का पानी

पटना के आसपास के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया है। इससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई परिवार अपने मवेशियों को साथ लेकर सुरक्षित जगहों की तलाश में निकल गए हैं। कुछ लोगों ने पटना मरीन ड्राइव जैसे ऊंचे स्थानों पर अस्थायी तौर पर शरण ली है। जलभराव के कारण प्रभावित परिवारों को भोजन, रहने और दैनिक जरूरतों को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

रायबरेली में गंगा चेतावनी निशान से ऊपर

उत्तर प्रदेश के रायबरेली में भी गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी निशान के ऊपर पहुंच गया है। इससे कटरा क्षेत्र के कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई है। नदी का पानी खेतों तक पहुंचने से धान, गन्ने और अरहर की फसलें प्रभावित हुई हैं। किसानों को फसल खराब होने और बड़े आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है।

जम्मू में नेपाल आपदा के लिए विशेष प्रार्थना

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ का असर भावनात्मक रूप से देश के अन्य हिस्सों में भी दिखाई दे रहा है। जम्मू में गोरखा समुदाय के लोगों ने गोरखा मंदिर में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की। लोगों ने नेपाल आपदा में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही लापता भारतीय और विदेशी नागरिकों के सुरक्षित मिलने की भी कामना की गई।

दुर्गापुर के छह यात्री नेपाल में लापता

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से नेपाल की यात्रा पर गए छह यात्रियों के 25 अगस्त की रात से संपर्क में नहीं होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि ये सभी कैलाश मानसरोवर यात्रा के सिलसिले में नेपाल गए थे। लापता यात्रियों में अरिंदम गांगुली और मौसुमी गांगुली के नाम भी शामिल हैं। संपर्क टूटने के बाद परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

परिवारों को ट्रैवल एजेंसी से मिली सीमित जानकारी

अरिंदम की दोस्त सुजाता बनर्जी के अनुसार, अरिंदम और मौसुमी एक ट्रैवल ग्रुप के साथ नेपाल गए थे। 25 अगस्त से दोनों समेत अन्य यात्रियों से परिवारों का संपर्क नहीं हो सका है। परिजनों के मुताबिक ट्रैवल एजेंसी ने बताया कि यात्रियों से पिछली रात और अगली सुबह बातचीत हुई थी। हालांकि, इसके बाद उनकी वर्तमान स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है।

प्रशासन से यात्रियों को सुरक्षित निकालने की अपील

लापता यात्रियों के परिजन लगातार प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। परिवारों की मांग है कि नेपाल में फंसे यात्रियों की लोकेशन का जल्द पता लगाया जाए और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। बिहार में बाढ़ और नेपाल की आपदा के बीच राहत-बचाव अभियान जारी है, वहीं प्रभावित परिवारों और लापता यात्रियों के परिजनों की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।

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