Mahakal Temple Fire Bike: महाकाल मंदिर में हाईटेक फायर बाइक तैनात, अब आग पर तुरंत काबू पाएगी टीम

महाकाल मंदिर में आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए हाईटेक फायर बाइक तैनात कर दी गई है। लेकिन यह सामान्य फायर वाहन से कितनी अलग है? मंदिर जैसे भीड़भाड़ वाले परिसर में यह कितनी तेजी से पहुंचेगी, आग पर कैसे काबू पाएगी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा में इसका क्या फायदा होगा?

Mahakal Temple Fire Bike

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 27, 2026

Mahakal Temple Fire Bike: उज्जैन के प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर और आसपास के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए नई व्यवस्था की जा रही है। मंदिर प्रबंध समिति तीन हाईटेक फायर बाइक तैयार करवा रही है। इनका उद्देश्य संकरी गलियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच बड़े दमकल वाहनों के पहुंचने से पहले शुरुआती आग पर तेजी से काबू पाना है।

तीन फायर बाइक पर खर्च होंगे 25.50 लाख रुपये

मंदिर प्रबंध समिति ने तीनों फायर बाइक के लिए करीब 25.50 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया है। इस हिसाब से एक यूनिट की अनुमानित लागत लगभग 8.50 लाख रुपये होगी। इन्हें सामान्य मोटरसाइकिल की तरह चलाया जा सकेगा और आपात स्थिति में छोटी मोबाइल फायर यूनिट के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा।

350 सीसी बाइक में होंगे आधुनिक अग्निशमन उपकरण

इन फायर बाइक का बेस मॉडल 350 सीसी बुलेट या उसके समकक्ष मोटरसाइकिल होगा। इसमें कम से कम 19 हॉर्सपावर की क्षमता और 28 एनएम टॉर्क निर्धारित किया गया है। बाइक को इस तरह तैयार किया जाएगा कि अतिरिक्त अग्निशमन उपकरणों का वजन होने के बावजूद यह भीड़ वाले इलाकों में आसानी से और तेजी से चल सके।

40 लीटर पानी की होगी व्यवस्था

प्रत्येक फायर बाइक में दो स्टेनलेस स्टील टैंक लगाए जाएंगे। बाइक के दोनों तरफ 20-20 लीटर क्षमता वाले एसएस-304 वॉटर टैंक होंगे। इस तरह एक बाइक में कुल 40 लीटर पानी उपलब्ध रहेगा। आग लगने की शुरुआती सूचना मिलने पर यही पानी तत्काल राहत और फायर फाइटिंग के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

150 बार प्रेशर से निकलेगी पानी की तेज धार

फायर बाइक में 150 बार प्रेशर वाला अल्ट्रा हाई-प्रेशर प्लंजर पंप लगाया जाएगा। इसका न्यूनतम फ्लो रेट 9 लीटर प्रति मिनट निर्धारित किया गया है। पंप को संचालित करने के लिए बाइक में अलग से 5 हॉर्सपावर का पेट्रोल इंजन लगाया जाएगा। इससे आग के शुरुआती हिस्से पर तेज दबाव के साथ पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी।

15 मीटर होज रील से पहुंचेगी पानी की धार

हर फायर बाइक में 15 मीटर लंबी हाई-प्रेशर होज रील भी लगाई जाएगी। इसके साथ फॉग जेट लांस उपलब्ध रहेगा। सिस्टम की मदद से करीब 8 मीटर तक पानी की सीधी धार पहुंचाई जा सकेगी। आवश्यकता के अनुसार इसे मिस्ट मोड में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा, जिससे पानी को धुंध के रूप में छोड़ा जाएगा।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा में भी मिलेगी मदद

इस मोबाइल फायर यूनिट का इस्तेमाल केवल आग बुझाने तक सीमित नहीं रहेगा। शुरुआती स्तर पर आग को फैलने से रोकने के साथ आसपास मौजूद लोगों को सुरक्षित निकालने में भी इसका उपयोग किया जा सकेगा। मंदिर क्षेत्र की संकरी गलियों में बड़े दमकल वाहनों की आवाजाही मुश्किल होने के कारण फायर बाइक को फर्स्ट रिस्पांस यूनिट के रूप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सुरक्षा कर्मचारियों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण

फायर बाइक की आपूर्ति होने के बाद मंदिर के सुरक्षा कर्मचारियों को इनके संचालन की विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए कम से कम दो प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों को बाइक चलाने के साथ फायर फाइटिंग सिस्टम, हाई-प्रेशर पंप और होज रील के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी, ताकि आपातकाल में प्रतिक्रिया समय कम किया जा सके।

पांच साल तक रखरखाव की भी व्यवस्था

फायर बाइक की खरीद के साथ इनके रखरखाव की व्यवस्था भी तय की गई है। बाइक पर एक वर्ष की निशुल्क वारंटी उपलब्ध रहेगी। इसके बाद अगले पांच वर्षों तक कॉम्प्रिहेंसिव मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट यानी सीएमसी के तहत संबंधित कंपनी इनके रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगी। इससे उपकरणों को लंबे समय तक कार्यशील रखने में मदद मिलेगी।

बड़े दमकल वाहन के पहुंचने तक संभालेंगी मोर्चा

महाकाल मंदिर क्षेत्र में फायर बाइक का सबसे बड़ा फायदा तत्काल प्रतिक्रिया के रूप में मिलने की उम्मीद है। आग लगने की सूचना मिलते ही ये बाइक संकरी गलियों और भीड़ के बीच तेजी से घटनास्थल तक पहुंच सकेंगी। बड़े फायर वाहन के पहुंचने तक ये शुरुआती आग बुझाने और उसके फैलाव को रोकने का प्रयास करेंगी। इससे मंदिर परिसर और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

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