UP Politics: राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा बदलाव, जितेंद्र मिश्रा बने CEO; बृजभूषण ने कही बड़ी बात

राम मंदिर ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को पहला पूर्णकालिक CEO नियुक्त किया है। 5585 आवेदनों के बाद उनके नाम पर मुहर लगी। चंदे से जुड़े विवाद के बीच ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव किए हैं। स्वामी गोविंददेव गिरि को महासचिव बनाया गया, जबकि तीन नए न्यासी भी नियुक्त किए गए हैं।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 2, 2026

UP Politics: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को नया सीईओ नियुक्त किए जाने के बाद बीजेपी के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने ट्रस्ट के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह व्यवस्था पहले ही लागू हो जानी चाहिए थी। उनके मुताबिक, किसी भी बड़े संस्थान के बेहतर संचालन के लिए जवाबदेही और जिम्मेदारी बेहद जरूरी है।

बृजभूषण बोले- संतों की भूमिका अलग, हिसाब-किताब के लिए निगरानी जरूरी

बताते चले कि, बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि संत धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम कर सकते हैं, लेकिन हर व्यक्ति के लिए प्रशासनिक और वित्तीय हिसाब-किताब संभालना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि इसलिए संतों की देखरेख और निगरानी के लिए एक मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था जरूरी है। नए सीईओ की नियुक्ति को इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।

चंदा चोरी विवाद के बाद राम मंदिर प्रशासन में बदलाव

अयोध्या राम मंदिर में दान और चंदे से जुड़ी कथित गड़बड़ी के मामले के सामने आने के बाद से ट्रस्ट की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव की चर्चाएं तेज थी। इसी बीच बुधवार, 2 सितंबर को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक हुई। बैठक में मंदिर के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए और रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर का सीईओ नियुक्त किया गया।

वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शिता पर बढ़ेगी निगरानी

राम मंदिर से जुड़े दान और वित्तीय प्रबंधन को लेकर उठे सवालों के बीच सीईओ पद को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत मंदिर के प्रशासनिक कामकाज में जवाबदेही और निगरानी को मजबूत करने की कोशिश होगी। श्रद्धालुओं से मिलने वाले दान, मंदिर की व्यवस्थाओं और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल जैसे विषयों पर भी पेशेवर प्रबंधन की जरूरत महसूस की जा रही थी।

5585 आवेदनों में से जितेंद्र मिश्रा के नाम पर लगी मुहर

राम मंदिर के पहले पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति के लिए बड़ी चयन प्रक्रिया अपनाई गई। सीईओ पद के लिए कुल 5,585 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से तीन उम्मीदवारों को अंतिम चयन प्रक्रिया के लिए चुना गया। बुधवार को ट्रस्ट की बैठक में इन तीन नामों पर मंथन के बाद रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के नाम पर अंतिम मुहर लगा दी गई।

बढ़ती श्रद्धालु संख्या के बीच नए CEO के सामने बड़ी चुनौती

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद लगातार श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में नए सीईओ के सामने मंदिर की व्यवस्थाओं को व्यवस्थित और प्रभावी बनाए रखने की बड़ी चुनौती होगी। मंदिर परिसर में भीड़ प्रबंधन से लेकर श्रद्धालुओं की सुविधाओं और सुरक्षा तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां उनके सामने रहेंगी।

राम मंदिर CEO की जिम्मेदारियों में सुरक्षा और मैनेजमेंट भी शामिल

जितेंद्र मिश्रा के जिम्मे मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम काम होंगे। इनमें मंदिर मैनेजमेंट, सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों का प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधाएं प्रमुख हैं। इसके अलावा मंदिर से जुड़े अलग-अलग विभागों और सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी उनकी जिम्मेदारियों का अहम हिस्सा होगा।

अलग-अलग विभागों और एजेंसियों के बीच कोऑर्डिनेशन पर जोर

राम मंदिर की व्यवस्थाओं में कई विभाग और एजेंसियां शामिल हैं। ऐसे में उनके बीच तालमेल बनाए रखना नए सीईओ के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, प्रवेश व्यवस्था और अन्य सुविधाओं को लेकर बेहतर समन्वय की जरूरत होगी। नए प्रशासनिक ढांचे का उद्देश्य इन सभी व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।

स्वामी गोविंददेव गिरि को मिली महासचिव की बड़ी जिम्मेदारी

राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में सिर्फ सीईओ की नियुक्ति ही नहीं हुई, बल्कि अन्य महत्वपूर्ण पदों पर भी बदलाव किए गए। स्वामी गोविंददेव गिरि को महासचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ट्रस्ट में यह पद बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और नए बदलावों के बाद मंदिर प्रशासन में जिम्मेदारियों का बंटवारा और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

तीन नए न्यासी भी नियुक्त, ट्रस्ट का ढांचा हुआ मजबूत

बैठक में न्यास के खाली तीन पदों को भी भरने का फैसला लिया गया। महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडे और डॉ. निर्मला यादव को नए न्यासी के तौर पर नियुक्त किया गया है। यानी सीईओ की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में भी व्यापक बदलाव हुआ है।

राम मंदिर ट्रस्ट में नई व्यवस्था से बढ़ेगी जवाबदेही

रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति को राम मंदिर के प्रशासनिक ढांचे में पेशेवर व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। एक ओर जहां ट्रस्ट में नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं, वहीं दूसरी तरफ चंदे से जुड़े विवाद के बाद पारदर्शिता और निगरानी पर भी ध्यान बढ़ाया जा रहा है। अब देखना होगा कि नए सीईओ के नेतृत्व में राम मंदिर की बढ़ती व्यवस्थाओं को किस तरह संचालित किया जाता है।