पटना में बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी, सम्राट मंत्रिमंडल में निशांत कुमार को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

पटना. बिहार की राजनीति में 7 मई का दिन बड़ा बदलाव लेकर आने वाला है। राजधानी पटना के गांधी मैदान में प्रस्तावित सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सत्ता गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सबसे अधिक चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर है। जानकारी के अनुसार, जदयू नेताओं के साथ हुई बैठक में निशांत ने मंत्री पद की जिम्मेदारी स्वीकारने पर सहमति जता दी है। जदयू नेताओं के समझाने पर माने न‍िशांत जानकारी के अनुसार निशांत सरकार का हिस्‍सा बनने से इनकार कर रहे थे। सीनियर नेताओं के समझाने और मौजूदा सरकार में

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मई 6, 2026

पटना.

बिहार की राजनीति में 7 मई का दिन बड़ा बदलाव लेकर आने वाला है। राजधानी पटना के गांधी मैदान में प्रस्तावित सम्राट चौधरी मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सत्ता गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सबसे अधिक चर्चा पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को लेकर है। जानकारी के अनुसार, जदयू नेताओं के साथ हुई बैठक में निशांत ने मंत्री पद की जिम्मेदारी स्वीकारने पर सहमति जता दी है।

जदयू नेताओं के समझाने पर माने न‍िशांत
जानकारी के अनुसार निशांत सरकार का हिस्‍सा बनने से इनकार कर रहे थे। सीनियर नेताओं के समझाने और मौजूदा सरकार में उनकी अहम‍ियत बताने के बाद वे तैयार हुए। निशांत कुमार के संभावित मंत्रिमंडल में शामिल होने की खबर ने बिहार की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है। इसे जदयू में नई पीढ़ी की एंट्री और पार्टी के भविष्य की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। कहा जा रहा है क‍ि इसी वजह से 7 मई को प्रस्तावित उनकी सद्भाव यात्रा भी स्थगित कर दी गई है। अब यह यात्रा 9 मई से दोबारा शुरू हो सकती है, जिसका नया कार्यक्रम जल्द जारी होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि उन्‍हें समाज कल्‍याण व‍िभाग सौंपा जा सकता है। फिलहाल वे किसी सदन के सदस्‍य नहीं हैं। रालोमो सुप्रीमो उपेंद्र कुशवाहा के बेटे भी ब‍िना क‍िसी सदन के सदस्‍य बने मंत्री पद की शपथ लेंगे। सूत्रों के मुताबिक, नए मंत्रिमंडल में कुल 36 सदस्यों को जगह मिल सकती है। संवैधानिक सीमा के अनुसार मुख्यमंत्री समेत 36 सदस्यीय टीम में 33 विधायकों को मंत्री पद मिलने की संभावना है।

व‍िजय कुमार सिन्‍हा पर टिकीं नजरें 
भाजपा कोटे से पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, मंगल पांडेय, दिलीप कुमार जायसवाल, राम कृपाल यादव और संजय सिंह टाइगर का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। वहीं, श्रेयसी सिंह, अरुण शंकर प्रसाद, लखेंद्र पासवान, रमा निषाद, प्रमोद कुमार चंद्रवंशी और सुरेंद्र मेहता की दोबारा वापसी की चर्चा भी तेज है। भाजपा इस बार दो नए चेहरों को भी मौका दे सकती है। जदयू कोटे से श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, सुनील कुमार, जमा खान, रत्नेश सदा और जयंत राज के नाम प्रमुख दावेदारों में बताए जा रहे हैं। इनके अलावा निशांत कुमार, मांजरिक मृणाल, अतिरेक कुमार और रूहेल रंजन के नाम भी राजनीतिक चर्चाओं में हैं। महिला प्रतिनिधित्व को संतुलित करने के लिए शीला कुमारी को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलने की संभावना जताई जा रही है।

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