PoK Protest: रावलाकोट में फायरिंग से मचा हड़कंप, प्रदर्शनकारियों ने लगाए गंभीर आरोप

PoK के रावलाकोट में प्रदर्शन के दौरान फायरिंग की घटना ने हालात तनावपूर्ण बना दिए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि घटना के बाद क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है। आखिर विरोध प्रदर्शन हिंसा में कैसे बदला और इसके पीछे क्या कारण हैं, जानिए पूरी रिपोर्ट।

रावलाकोट में फायरिंग से मचा हड़कंप

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

जुलाई 28, 2026

PoK Protest: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जारी विरोध प्रदर्शन ने सोमवार को हिंसक रूप ले लिया। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तनाव बढ़ने के बाद रावलाकोट क्षेत्र में गोलीबारी की घटना सामने आई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी रेंजर्स और फ्रंटियर कॉर्प्स (FC) के जवानों ने भीड़ पर फायरिंग की, जिसमें कई लोगों की मौत हुई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए।

यह घटना उस समय हुई जब सरकार के साथ बातचीत में सहमति नहीं बनने के बाद प्रदर्शनकारियों ने राजधानी मुजफ्फराबाद की ओर मार्च शुरू किया। रिपोर्टों के अनुसार, रावलाकोट के ईदगाह मैदान में लंबे समय से धरने पर बैठे लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे।

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राजधानी की ओर मार्च के दौरान बढ़ा तनाव

बताया गया कि सोमवार शाम करीब चार बजे प्रदर्शनकारियों का एक बड़ा समूह रावलाकोट से मुजफ्फराबाद की ओर बढ़ने लगा। इसी दौरान अन्य इलाकों से आ रहे प्रदर्शनकारी भी रावलाकोट पहुंच रहे थे। जब यह भीड़ ईदगाह मैदान से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर चिनार चौक के पास पहुंची, तो सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, इसी दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स और FC के जवानों ने फायरिंग शुरू कर दी। वहीं, पंजाब पुलिस और PoK पुलिस पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने का आरोप लगाया गया।

फायरिंग और आंसू गैस के इस्तेमाल का आरोप

प्रदर्शनकारियों का दावा है कि ईदगाह मैदान से आगे बढ़ रही भीड़ पर भी गोलीबारी की गई। आरोप लगाया गया कि करीब डेढ़ घंटे तक रुक-रुक कर फायरिंग होती रही और सुरक्षा बलों ने भीड़ को रोकने के लिए बल प्रयोग किया। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई घायल लोगों को उपचार के लिए ले जाया गया, जबकि कुछ मृतकों को अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के लिए एकत्र किया गया। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आए हैं।

प्रदर्शनकारियों ने लगाए गंभीर आरोप

घटना के बाद कई प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर सवाल उठाए और अंतरराष्ट्रीय समुदाय तथा मानवाधिकार संगठनों से हस्तक्षेप की अपील की। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाया कि निहत्थे लोगों पर बल प्रयोग किया गया। रावलाकोट से सामने आई तस्वीरों और वीडियो को लेकर प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। उनका आरोप है कि स्थानीय अस्पतालों में भी घायलों को इलाज मिलने में परेशानियों का सामना करना पड़ा।

PoK में लंबे समय से जारी है विरोध प्रदर्शन

PoK में यह आंदोलन कई हफ्तों से जारी बताया जा रहा है। प्रदर्शनकारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरना दे रहे थे और सरकार के साथ बातचीत के जरिए समाधान की कोशिश की जा रही थी। लेकिन बातचीत विफल होने के बाद विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से इंटरनेट सेवाएं बंद हैं, जिससे आम लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, स्थानीय हालात को लेकर लोगों में नाराजगी बनी हुई है।

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घटना के बाद इलाके में तनाव बरकरार

गोलीबारी की घटना के बाद प्रदर्शनकारी दोबारा रावलाकोट के ईदगाह मैदान में एकत्र हुए। क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और हालात पर नजर रखी जा रही है। घटना में मारे गए लोगों और घायलों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। PoK में हुई इस घटना ने मानवाधिकार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और क्षेत्रीय राजनीतिक हालात को लेकर नई बहस शुरू कर दी है।