PoK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। प्रदर्शनकारियों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच टकराव की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। स्थानीय दावों के अनुसार, बीते 48 घंटों के दौरान हुई गोलीबारी में 24 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच सुरक्षा व्यवस्था और अधिक कड़ी कर दी गई है तथा कई इलाकों में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।
मीरपुर में प्रदर्शन के दौरान हुई फायरिंग
जानकारी के अनुसार, मीरपुर में करीब 40 से 50 प्रदर्शनकारी मोटरसाइकिलों पर सवार होकर रावलाकोट के रास्ते मुजफ्फराबाद की ओर मार्च करने के लिए निकले थे। बताया जा रहा है कि जैसे ही यह समूह मीरपुर बाजार के पास पहुंचा, वहां सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव बढ़ गया। स्थानीय दावों के मुताबिक, इसके बाद गोलीबारी हुई, जिससे कई लोग प्रभावित हुए।
रिपोर्टों के अनुसार, इस घटना में तीन प्रदर्शनकारियों की मौत हुई, जबकि आठ अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थानीय स्तर पर यह भी दावा किया गया कि अस्पताल के बाहर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और परिजनों की आवाजाही पर रोक जैसी स्थिति देखने को मिली। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
रावलाकोट में भी जारी रहा विरोध प्रदर्शन
रावलाकोट में भी प्रदर्शन लगातार जारी है। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, बड़ी संख्या में लोग विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचकर चिनार चौक, शहीद चौक और ईदगाह मैदान जैसे स्थानों पर एकत्र हुए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे अपने आंदोलन को जारी रखेंगे और पीछे नहीं हटेंगे। दावों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए सुरक्षा बलों ने अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपने स्थानों पर डटे रहे और विरोध जारी रखा। क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल के कारण आम लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
घायलों के इलाज को लेकर सामने आए दावे
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, कुछ प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि अस्पतालों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है। ऐसे में घायल लोगों का इलाज अस्थायी स्थानों और स्थानीय भवनों में किए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, इन जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
मृतकों की संख्या को लेकर बड़ा दावा
स्थानीय संगठनों और प्रदर्शनकारियों के दावों के अनुसार, पिछले 48 घंटों में कुल 24 लोगों की मौत हुई है। वहीं, 7 जून से अब तक इस आंदोलन के दौरान 98 लोगों के मारे जाने का भी दावा किया जा रहा है। इन आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और अलग-अलग स्रोतों में संख्या अलग हो सकती है।
इलाके में सुरक्षा व्यवस्था हुई और सख्त
रिपोर्टों के मुताबिक, रावलाकोट सहित कई इलाकों में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। कुछ स्थानों पर सड़कों पर अवरोधक लगाए गए हैं और सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई क्षेत्रों में हालात किसी सैन्य मोर्चे जैसे दिखाई दे रहे हैं।
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बढ़ते तनाव पर बनी हुई है नजर
PoK में जारी घटनाक्रम ने एक बार फिर क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को चर्चा का विषय बना दिया है। लगातार विरोध प्रदर्शन, सुरक्षा बलों की कार्रवाई और बढ़ते तनाव के कारण हालात सामान्य होने के फिलहाल कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं। विभिन्न पक्षों के दावों के बीच स्थिति पर नजर रखी जा रही है, जबकि स्वतंत्र रूप से सभी दावों की पुष्टि अभी तक संभव नहीं हो सकी है।










