Ambedkar Jayanti 2026 : संविधान निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर की 135वीं जयंती के पावन अवसर पर संसद परिसर स्थित ‘प्रेरणा स्थल’ एक विशेष राजनीतिक सौहार्द का गवाह बना. मंगलवार को आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के बीच बेहद सकारात्मक और आत्मीय बातचीत देखने को मिली. इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन सहित कई अन्य गणमान्य नेताओं ने बाबासाहेब की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया.
पीएम मोदी और खरगे के बीच दिखी गर्मजोशी
न्यूज एजेंसी ANI द्वारा साझा किए गए वीडियो में लोकतंत्र की एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई, जहां वैचारिक मतभेदों के बावजूद शिष्टाचार सर्वोपरि दिखा. कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले उपराष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की, जिसके बाद वे सीधे मल्लिकार्जुन खरगे के पास पहुंचे. दोनों नेताओं ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और हाथ मिलाया. इस संक्षिप्त लेकिन महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान दोनों के चेहरों पर मुस्कुराहट थी और वे ठहाके लगाकर हंसते हुए भी देखे गए. यह दृश्य राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है.
राहुल गांधी और पीएम मोदी की हालिया मुलाकात का जिक्र
संसद परिसर में पक्ष और विपक्ष के बीच इस तरह की सौहार्दपूर्ण बातचीत का यह कोई पहला मामला नहीं है. हाल ही में पीएम मोदी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच भी इसी तरह का संवाद देखा गया था. उस दौरान भी दोनों नेताओं ने बेहद विनम्रता के साथ एक-दूसरे से कुछ शब्द साझा किए थे. डॉ. अंबेडकर की जयंती पर आयोजित इस कार्यक्रम में भी पीएम मोदी ने अन्य संसद सदस्यों के साथ मिलकर संविधान शिल्पी को अपनी श्रद्धांजलि दी, जो भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है.
‘राष्ट्र निर्माण में बाबासाहेब के प्रयास अत्यंत प्रेरणादायक‘
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से देशवासियों के साथ अपने विचार साझा किए. उन्होंने बाबासाहेब को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि डॉ. अंबेडकर का राष्ट्र के प्रति समर्पण आज भी करोड़ों भारतीयों को प्रेरित करता है. पीएम ने जोर देकर कहा कि बाबासाहेब के प्रयास न केवल ऐतिहासिक हैं, बल्कि एक न्यायपूर्ण और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए आने वाली पीढ़ियों का मार्ग प्रशस्त करते रहेंगे. उन्होंने अंबेडकर के आदर्शों को विकसित भारत के संकल्प की आधारशिला बताया.
संविधान की रक्षा और बाबासाहेब के सिद्धांतों पर जोर
दूसरी ओर, मल्लिकार्जुन खरगे ने डॉ. अंबेडकर को एक दूरदर्शी महापुरुष बताया, जिन्होंने भारत को उसकी नैतिक और संवैधानिक आत्मा प्रदान की. उन्होंने जनता से आह्वान किया कि संविधान में निहित स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के सिद्धांतों की रक्षा करना हर नागरिक का कर्तव्य है. वहीं, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने इस अवसर पर अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वर्तमान समय में संविधान और अंबेडकर के आदर्शों के सामने कई चुनौतियां हैं. उन्होंने संकल्प लिया कि वे इन मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी ताकत के साथ संघर्ष जारी रखेंगे.
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