PM Modi–Andy Burnham Call: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटेन के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम से टेलीफोन पर बातचीत कर दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने पर चर्चा की। इस दौरान व्यापार, प्रौद्योगिकी, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा, निवेश और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत और यूनाइटेड किंगडम के बीच सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए मिलकर काम किया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी नई जिम्मेदारी की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एंडी बर्नहैम को ब्रिटेन का प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद मजबूत संबंध आने वाले वर्षों में और अधिक गहरे होंगे। मोदी ने कहा कि भारत, ब्रिटेन के साथ व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और दोनों देशों के साझा हितों को ध्यान में रखते हुए सहयोग का दायरा लगातार बढ़ाया जाएगा।
सोशल मीडिया पर साझा किया वार्ता का संदेश
बातचीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि एंडी बर्नहैम से बातचीत बेहद सकारात्मक रही। उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं ने टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, रक्षा, सुरक्षा, क्लीन एनर्जी, शिक्षा और लोगों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत-यूके कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे।
CETA से व्यापार और निवेश को मिलेगा नया अवसर
प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में लागू हुए भारत-यूके कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (CETA) का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि यह समझौता दोनों देशों के लिए व्यापार और निवेश के नए अवसर लेकर आया है। उन्होंने कहा कि इस समझौते का पूरा लाभ उठाने के लिए दोनों सरकारें मिलकर काम करेंगी, जिससे उद्योग, कारोबार और रोजगार के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। उन्होंने इसे दोनों देशों की साझा समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
भारतीय समुदाय के योगदान की सराहना
वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ब्रिटेन में रह रहे भारतीय मूल के लोगों के योगदान की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय समुदाय ने ब्रिटिश समाज, अर्थव्यवस्था और संस्कृति को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दोनों नेताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि लोगों के बीच मजबूत संबंध किसी भी रणनीतिक साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत होते हैं और भविष्य में इस दिशा में और अधिक प्रयास किए जाएंगे।
मैनचेस्टर और अहमदाबाद के ऐतिहासिक संबंधों का जिक्र
प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान एंडी बर्नहैम के गृह नगर मैनचेस्टर और अपने गृह राज्य गुजरात के अहमदाबाद के बीच ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने अहमदाबाद को ‘भारत का मैनचेस्टर’ बताते हुए कहा कि दोनों शहर औद्योगिक विकास और व्यापारिक गतिविधियों के लिए लंबे समय से जाने जाते रहे हैं। इस साझा विरासत को भविष्य में आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग का आधार बनाने पर भी चर्चा हुई।
नई तकनीकों और AI पर सहयोग बढ़ाने की तैयारी
दोनों नेताओं ने भविष्य की तकनीकों, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल इनोवेशन और टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। प्रधानमंत्री मोदी ने UK-भारत टेक्नोलॉजी सिक्योरिटी इनिशिएटिव के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और कहा कि दोनों देशों के विशेषज्ञ नई तकनीकों के विकास, साइबर सुरक्षा और डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। इससे नवाचार, अनुसंधान और आर्थिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।
रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और क्षेत्रीय सुरक्षा पर जोर
वार्ता के दौरान रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए लोकतांत्रिक देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करना समय की आवश्यकता है। रक्षा और ऊर्जा के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने से दोनों देशों के रणनीतिक हितों को मजबूती मिलेगी।
मध्य पूर्व की स्थिति पर साझा चिंता
प्रधानमंत्री मोदी और एंडी बर्नहैम ने मध्य पूर्व में जारी तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति पर भी विचार साझा किए। दोनों नेताओं ने तनाव कम करने और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सामान्य गतिविधियां बहाल करने के लिए सहयोग जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। उनका मानना है कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति की सुरक्षा के लिए इस क्षेत्र में स्थिरता बेहद आवश्यक है।
जल्द आमने-सामने मुलाकात की उम्मीद
बातचीत के अंत में दोनों नेताओं ने भविष्य में नियमित संवाद बनाए रखने और जल्द ही आमने-सामने मुलाकात करने की इच्छा व्यक्त की। इस वार्ता ने स्पष्ट संकेत दिया कि भारत और ब्रिटेन आने वाले वर्षों में व्यापार, निवेश, तकनीक, रक्षा, शिक्षा और वैश्विक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में अपने सहयोग को और अधिक व्यापक एवं मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेंगे।
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