Petrol Excise Duty: ईंधन उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर, पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी समाप्त

सरकार के नए आदेश के अनुसार, ज्यादा मात्रा में एथेनॉल मिले हुए पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है। अब BIS मानकों के अनुरूप तैयार होने वाले E22, E25, E27 और E30 कैटेगरी के एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 'जीरो' होगी, जिससे उपभोक्ताओं को सस्ता ईंधन मिलेगा।

Petrol- Diesel Price

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 11, 2026

Petrol Excise Duty: वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने आम उपभोक्ताओं और किसानों को एक बहुत बड़ी खुशखबरी दी है। सरकार ने पर्यावरण अनुकूल और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने के लिए एथेनॉल मिश्रित (Ethand-Blended) पेट्रोल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) को पूरी तरह से खत्म करने का ऐतिहासिक फैसला किया है।

अब देश में 22% से लेकर 30% तक एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल पर कोई एक्साइज ड्यूटी नहीं ली जाएगी। सरकार के इस कदम से न सिर्फ आम जनता की जेब पर पेट्रोल का बोझ कम होगा, बल्कि देश के किसानों की आमदनी में भी बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा।

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कच्चे तेल का संकट और सरकार का मास्टरस्ट्रोक

वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार में भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमत 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है। कच्चे तेल के इस उछाल से भारत का आयात बिल (Import Bill) लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे भारतीय रुपये पर भी दबाव बढ़ रहा है।

इस विदेशी निर्भरता को कम करने और देश की अर्थव्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने एथेनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधनों (Alternative Fuels) के इस्तेमाल पर जोर दिया है। जब देश में ही बने एथेनॉल का उपयोग बढ़ेगा, तो कच्चे तेल के आयात में भारी कमी आएगी, जिससे देश का अरबों रुपया बचेगा।

क्या होती है एक्साइज ड्यूटी और शून्य करने के क्या हैं नियम?

एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) यानी उत्पाद शुल्क एक प्रकार का अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) है, जो देश के भीतर बनने वाली या उत्पादित होने वाली वस्तुओं पर लगाया जाता है। भारत में मुख्य रूप से शराब, तंबाकू और पेट्रोलियम उत्पादों पर भारी एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती है।

टैक्स फ्री होने की शर्तें

정ब सरकार के नए नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब 22%, 25%, 27% और 30% एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को पूरी तरह शून्य कर दिया गया है। हालांकि, इस छूट का लाभ उठाने के लिए एक अनिवार्य शर्त रखी गई है— यह ईंधन भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा तय किए गए कड़े नियमों और मानकों के बिल्कुल अनुरूप होना चाहिए।

कौन सा ईंधन है आपके लिए सबसे सस्ता?

भारत सरकार देश में तेजी से एथेनॉल ब्लेंडिंग को बढ़ावा दे रही है। पहले चरण में जहां E20 (20 फीसदी एथेनॉल और 80 फीसदी पेट्रोल) को प्रमोट किया जा रहा था, वहीं अब वैश्विक ऊर्जा संकट को देखते हुए भारत ने बाजार में E85 फ्यूल को भी उतार दिया है।

E85 की खासियत: इस ईंधन में 85 फीसदी एथेनॉल और केवल 15 फीसदी शुद्ध पेट्रोल होता है।

कीमत में अंतर: एथेनॉल की मात्रा अधिक होने के कारण E85 ईंधन, E20 पेट्रोल के मुकाबले करीब 20 रुपये प्रति लीटर तक सस्ता बैठता है।

आम जनता के साथ किसानों की भी चमकेगी किस्मत

इस नीतिगत बदलाव का सबसे बड़ा फायदा सीधे तौर पर देश के अन्नदाताओं को मिलने वाला है। एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने, मक्के और खराब या सड़े हुए अनाज से किया जाता है।

जैसे-जैसे देश में एथेनॉल वाले सस्ते पेट्रोल की मांग बढ़ेगी, वैसे-वैसे चीनी मिलों और डिस्टिलरीज को भारी मात्रा में कच्चे माल की जरूरत होगी। इससे किसानों को उनके गन्ने और मक्के की फसल का न सिर्फ सही दाम मिलेगा, बल्कि समय पर भुगतान भी सुनिश्चित हो सकेगा। यह फैसला देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा।

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