LPG Crisis: संसद में विपक्षी सांसदों का विरोध, पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति पर बढ़ी चिंता

संसद में आज विपक्षी सांसदों ने देश में गहराते एलपीजी संकट को लेकर 'खाली सिलेंडर' के साथ जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस, टीएमसी और शिवसेना (UBT) ने सरकार पर ईंधन किल्लत को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में स्वीकार किया कि पश्चिम एशिया के युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापारिक मार्गों को बुरी तरह प्रभावित किया है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मार्च 25, 2026

LPG Crisis: संसद परिसर बुधवार को भारी हंगामे और नारेबाजी का गवाह बना, जब विपक्षी दलों के सांसदों ने देश में गहराते एलपीजी (LPG) संकट को लेकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण हालातों पर बुलाई गई महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक से ठीक पहले, विपक्षी गठबंधन के नेताओं ने संसद भवन के बाहर प्रदर्शन किया। तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सौगत राय ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आम जनता गैस की किल्लत से त्रस्त है, लेकिन प्रशासन इस समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार से तत्काल राहत और जवाबदेही की मांग करता है।

विपक्षी सांसदों का ‘खाली सिलेंडर’ प्रदर्शन

विपक्ष के इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, एनसीपी (एसपी) की सुप्रिया सुले और समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव समेत कई प्रमुख चेहरा शामिल हुए। सांसदों ने अपने हाथों में ‘एम्पिटी सिलेंडर, एम्पिटी प्रॉमिसेस’ (खाली सिलेंडर, खोखले वादे) लिखे हुए बड़े बैनर ले रखे थे। प्रदर्शनकारियों ने ‘मोदी जी, एलपीजी’ जैसे नारों के साथ सदन परिसर को गुंजायमान कर दिया। सांसदों का तर्क है कि त्योहारी सीजन जैसे नवरात्रि और ईद के समय भी लोगों को गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, जो सरकार की विफलता को दर्शाता है।

संजय राउत और प्रमोद तिवारी का तीखा प्रहार

शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि अमेरिकी राजनीति या डोनाल्ड ट्रंप से ज्यादा जरूरी यह है कि पीएम मोदी देश के विपक्षी नेताओं से संवाद करें। राउत ने ईरान युद्ध का हवाला देते हुए कहा कि जब पाकिस्तान जैसे देश मध्यस्थता की बात कर रहे हैं, तो भारत को अपनी ऊर्जा सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए। वहीं, कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने भाजपा पर ‘झूठ’ बोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार सब कुछ ठीक होने का दावा कर रही है, जबकि हकीकत में हर जगह एलपीजी की भारी किल्लत बनी हुई है और जनता परेशान है।

पश्चिम एशिया में युद्ध और वैश्विक ऊर्जा पर पीएम का बयान

इस हंगामे के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया के संकट पर अपना आधिकारिक वक्तव्य दिया। प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि खाड़ी देशों में जारी संघर्ष ने पूरी दुनिया में एक गंभीर ऊर्जा संकट (Energy Crisis) पैदा कर दिया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन सप्ताह से जारी इस युद्ध ने न केवल व्यापारिक मार्गों को प्रभावित किया है, बल्कि पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरकों जैसी आवश्यक वस्तुओं की नियमित आपूर्ति में भी बाधा डाली है। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि भारत संवाद और कूटनीति के जरिए शांति का पक्षधर है, क्योंकि यह संकट भारत की आर्थिक स्थिरता और खाड़ी में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती है।

फ्यूल शॉर्टेज पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग

विपक्षी दल केवल प्रदर्शन तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे संसद के भीतर पश्चिम एशिया संकट और देश में ईंधन की कथित कमी (Fuel Shortage) पर विस्तृत चर्चा चाहते हैं। सरकार ने इस संवेदनशीलता को देखते हुए आज शाम एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें विदेश नीति और ऊर्जा सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया जाएगा। जहां सरकार वैश्विक परिस्थितियों को आपूर्ति में बाधा का मुख्य कारण बता रही है, वहीं विपक्ष इसे कुप्रबंधन का नतीजा मानकर सरकार को घेरने की तैयारी में है। शाम को होने वाली इस बैठक के नतीजों पर अब पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।